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डिफेंस सेक्टर: मिडकैप ठंडा तो डिफेंस भी सुस्त, क्या वापसी संभव है?

सूरज कुमार जानना चाहते हैं कि उन्हें रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की सुस्ती का सीधा असर अब डिफेंस सेक्टर पर भी साफ दिखने लगा है। बीते कुछ महीनों में जिन डिफेंस शेयरों ने शानदार रिटर्न दिए थे, वे अब सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। निवेशकों के मन में सवाल है—क्या मिडकैप की वापसी के साथ डिफेंस सेक्टर फिर से तेजी दिखा पाएगा?

मिडकैप से जुड़ी है डिफेंस की चाल

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डिफेंस सेक्टर की ज्यादातर कहानियां मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों से जुड़ी हैं। जब मिडकैप शेयरों में कमजोरी आती है, तो डिफेंस शेयरों में भी जोश कम हो जाता है। मौजूदा दौर में यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

वैल्यूएशन पहले से ऊंचा

विशेषज्ञ मानते हैं कि डिफेंस सेक्टर की बड़ी कंपनियों के शेयरों में अगले 2–3 साल के ऑर्डर पहले से ही कीमतों में शामिल हैं। ऐसे में मौजूदा वैल्यूएशन पर अचानक बड़ा रिटर्न मिलना मुश्किल है।
हालांकि, अगर सरकार की ओर से कोई बड़ा नया डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट या नई जरूरत सामने आती है, तो तस्वीर बदल सकती है।

टेक्नोलॉजी और AI बदलेंगे खेल

डिफेंस इंडस्ट्री अब पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर सिस्टम आने वाले समय में डिफेंस सेक्टर की दिशा तय करेंगे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई टेक्नोलॉजी के चलते कुछ नए खिलाड़ी भी उभर सकते हैं, जबकि टेक्नोलॉजी में पीछे रहने वाली कंपनियां धीरे-धीरे अप्रासंगिक हो सकती हैं।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति?

विश्लेषकों की राय है कि डिफेंस सेक्टर में निवेश अब लॉन्ग टर्म नजरिए से ही करना बेहतर है।

  • शॉर्ट टर्म में बाजार के समान रिटर्न की उम्मीद रखें

  • बड़े मुनाफे की संभावना तभी बनेगी जब नया बड़ा सरकारी ऑर्डर मिलेगा

  • पोर्टफोलियो में डिफेंस का एक्सपोजर सीमित रखना समझदारी होगी

निष्कर्ष

डिफेंस सेक्टर फिलहाल वैल्यूएशन और मिडकैप सेंटिमेंट के दबाव में है। जब तक मिडकैप शेयरों में मजबूती नहीं लौटती या सरकार की ओर से बड़े नए ऑर्डर नहीं आते, तब तक इस सेक्टर में सीमित तेजी ही देखने को मिल सकती है।


(शेयर मंथन, 22 दिसंबर 2025)

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