सोने और चाँदी के मौजूदा रेंज-बाउंड कारोबार के बीच बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार ने ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए खास सावधानी की बात कही।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि जब बाजार लंबे समय तक एक सीमित दायरे में चलता है तो कई ट्रेडर्स दोनों तरफ ऑप्शन बेचने की रणनीति अपनाने लगते हैं। स्ट्रैडल और स्ट्रैंगल जैसी रणनीतियों के जरिए कुछ समय तक कमाई दिखाई दे सकती है, लेकिन अचानक बड़ा मूव आने पर नुकसान तेजी से बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ के मुताबिक रेंज-बाउंड बाजार में लगातार ऑप्शन सेलिंग से कुछ समय तक नियमित कमाई हो सकती है, लेकिन अगर बाजार अचानक किसी एक दिशा में तेज मूव करता है तो पहले हुई कमाई का बड़ा हिस्सा एक ही ट्रेड में वापस जा सकता है। इसलिए केवल इस आधार पर ऑप्शन बेचते रहना कि बाजार लंबे समय से एक दायरे में है, जोखिमपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने बाजार में आने वाले बड़े और अप्रत्याशित घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास में कई बार ऐसे दौर आए हैं जब बाजार की स्थिति सामान्य दिखाई दे रही थी, लेकिन अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली। उनके मुताबिक ऐसी घटनाओं का सटीक समय पहले से बताना संभव नहीं है। इसलिए निवेशकों को बाजार के जोखिम को समझकर रणनीति बनानी चाहिए।
यह भी कहा कि बाजार में बड़ी गिरावट आने पर घबराने के बजाय लेवरेज से बचना और अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों पर फोकस रखना महत्वपूर्ण हो सकता है। उनके अनुसार बड़ी गिरावट के बाद वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति बदल सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर गिरावट के बाद तुरंत रिकवरी होगी। इसलिए निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन, पर्याप्त नकदी और लंबी अवधि का नजरिया महत्वपूर्ण बने रहते हैं।
(शेयर मंथन, 29 सितंबर 2026)
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