शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में रहा मिला-जुला रुख

अमेरिकी शेयर बाजार का दिग्गज सूचकांक डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) बुधवार के कारोबार में 28,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।

लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ बंद हुए भारतीय शेयर बाजार

मंगलवार की तेजी के बाद बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांकों में तेजी का सिलसिला जारी रहा।

मंगलवार को भी जारी रही अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी

अमेरिकी शेयर बाजार का दिग्गज सूचकांक डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) मंगलवार को भी 28,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार नहीं कर सका।

सेंसेक्स (Sensex) में 288 अंकों की मजबूती, निफ्टी (Nifty) 82 अंक उछला

मुख्यतः फार्मा और बैंकिंग शेयरों में उछाल के कारण मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के अहम सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में रही तेजी

अमेरिकी शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांक डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) ने सोमवार के दिन के कारोबार में 28,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया।

सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, छोटे-मँझोले शेयरों ने दर्ज की उछाल

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली आने के बाद भारतीय बाजार के दिग्गज सूचकांक कमजोरी के साथ बंद हुए।

निफ्टी (Nifty) 15 अंक बढ़ा, सेंसेक्स (Sensex) 14 अंक चढ़ा

कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को दिन भर चले उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांक सपाट बंद हुए।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख