हल्की हुई हैं बाजार की अपेक्षाएँ
विजय मंत्री, सलाहकार, निर्मल बांग सिक्योरिटीज
बाजार की अपेक्षाएँ पहले से हल्की हुई हैं, जो मेरे विचार से सकारात्मक बात है। मगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर चिंता बनी हुई है।
विजय मंत्री, सलाहकार, निर्मल बांग सिक्योरिटीज
बाजार की अपेक्षाएँ पहले से हल्की हुई हैं, जो मेरे विचार से सकारात्मक बात है। मगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर चिंता बनी हुई है।
मार्च 2015 में सेंसेक्स ने 30,000 के ठीक ऊपर का शिखर छुआ था। हमारे ताजा सर्वेक्षण में साल 2016 के अंत तक लगभग वहीं वापस लौटने की उम्मीद दिख रही है।
विश्लेषकों ने अपनी उम्मीदें पहले से हल्की जरूर की हैं, लेकिन सर्वेक्षण के औसत अनुमानों से यह लगता है कि 2016 में बाजार एक नया उच्चतम स्तर छू सकता है।
हमने पिछली बार की तरह इस बार भी विश्लेषकों से पूछा कि उन्हें सेंसेक्स 35,000, 40,000 और 50,000 के अगले बड़े लक्ष्यों तक जाने की उम्मीद कब की लगती है।
बाजार में उत्साह कम होने का एक अहम कारण यह भी है कि इस कारोबारी साल में पहली दो तिमाहियाँ कंपनियों की आय के लिहाज से कमजोर रही हैं और तीसरी तिमाही के लिए भी बहुत अच्छी उम्मीदें नहीं हैं।

अनीता गांधी, निदेशक, अरिहंत कैपिटल मार्केट्स
हमें उम्मीद है कि लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी, क्योंकि बुनियादी ढाँचा और प्रौद्योगिकी में अगले कुछ वर्षों में काफी निवेश होने वाला है।

अनिल मंगनानी, निदेशक, मॉडर्न शेयर्स
मँझोले और छोटे शेयर इस साल भी दिग्गज शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते रहेंगे।
आनंद टंडन, निदेशक, ग्रिफन एडवाइजर्स
आने वाले समय में सूचकांक नकारात्मक रुझान के साथ एक दायरे में रहेगा। जब थोक महँगाई फिर से बढऩी शुरू होगी, उसके बाद आर्थिक वृद्धि फिर से दिखनी शुरू हो सकती है।
अमित खुराना, इक्विटी प्रमुख, दौलत कैपिटल
भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक यह है कि मूल्यांकन अभी उचित दायरे में हैं। साथ ही ब्याज दरों के चक्र में अभी दरें और घटने की गुंजाइश है।
अमित गोयल, मुख्य रणनीतिकार, पेस 360 डिग्रीज
मेरा मानना है कि साल 2016 की दूसरी छमाही काफी मंद रहने वाली है। सेंसेक्स जून 2016 तक 23,000 और दिसंबर 2016 तक 21,000 की ओर फिसल जायेगा।
अंबरीश बालिगा, बाजार विश्लेषकमुझे 2016 में भारतीय बाजारों में अच्छी धारणा रहने की उम्मीद है। पहली छमाही में मँझोले और छोटे शेयर अग्रणी बने रह सकते हैं, लेकिन आमदनी बढऩे पर दिग्गज शेयर तेजी की अगुवाई कर सकते हैं।
मुझे बाजार सकारात्मक लग रहा है। हालाँकि बीच-बीच में गिरावटें आयेंगी, जिन्हें तकनीकी और बुनियादी रूप से मजबूत और अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों को खरीदने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
साल 2016 में पहली छमाही में कुछ तेजी दिख सकती है, जो बाद में शांत हो जाने की संभावना रहेगी। खास क्षेत्रों और शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।
विवेक नेगी, निदेशक, फिनेथिक वेल्थ सर्विसेजसरकार ने जो अब तक जो कदम उठाये हैं, उनका असर 2017 से दिखना शुरू हो जायेगा। साल 2016 के अंत तक सेंसेक्स 34,000 पर पहुँचने की उम्मीद है।
विनोद शर्मा, एचडीएफसी सिक्योरिटीजमुझे उम्मीद है कि अगली तिमाही के बाद आर्थिक विकास दर में सुधार होगा। हाल के आँकड़े अच्छे रहे हैं। विकास दर और कंपनियों की आय में वृद्धि दिखने पर भारतीय बाजार की रीरेटिंग हो जायेगी।
विनय गुप्ता, निदेशक, ट्रस्टलाइन सिक्योरिटीजमैं भारत के बारे में बहुत नकारात्मक नहीं हूँ, फिर भी वैश्विक बाजारों, खास कर चीन और यूरो जोन में गड़बड़ी आने से भारत पर भी असर पड़ेगा।