रियल्टी के शेयरों में 5% से अधिक की गिरावट
रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में गिरावट का रुख है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में दोपहर 1.51 बजे रियल्टी सूचकांक में 5.4% की कमजोरी है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा कमजोरी ऑर्बिट कॉर्पोरेशन के शेयर भाव में है, जो 7.99% की गिरावट के साथ 47.20 पर है। डीएलएल में 6.4% पेनिनसुला लैंड में 5.7%, अंसल इन्फ्रा में 5.6%, इंडियाबुल्स रियल में 5.4% और एचडीआईएल में 5.2% की कमजोरी है।
भारत में वित्तीय सेवाएँ प्रदान करने वाली कंपनी इंडिया इन्फोलाइन की सब्सिडियरी इंडिया इन्फोलाइन हाउसिंग फाइनेंस को नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) की ओर से हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के तौर पर पंजीकरण मिल गया है। इस पंजीकरण के बाद कंपनी घरों के लिए भी कर्ज दे सकेगी, जिससे इसे अपने कंज्यूमर फाइनेंस पोर्टफोलिओ को बढ़ाने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले इंडिया इन्फोलाइन मार्टगेज, व्यक्तिगत कर्ज, व्यावसायिक कर्ज और प्रतिभूतियों के बदले कर्ज देती थी।
राजीव रंजन झा
अंतरिम बजट ने भले ही उद्योग जगत और शेयर बाजार को कोई नयी राहत नहीं दी हो, लेकिन उद्योग संगठन फिक्की ने इसमें भविष्य के संकेत देख कर ही संतोष कर लिया है। फिक्की के अध्यक्ष हर्षपति सिंघानिया ने अंतरिम बजट के बारे में कहा है कि इस अंतरिम बजट ने अगली सरकार के लिए दिशा तय कर दी है और एक साफ संकेत दिया है कि आम चुनाव के बाद के महीनों में कौन-से उठाने की जरूरत होगी। सिंघानिया ने कहा है कि इस अंतरिम बजट ने देश की विकास दर को फिर से तेज करने पर जोर दिया है।
निवेश सलाहकार गुल टेकचंदानी का कहना है कि यह अंतरिम वित्त मंत्री का अंतरिम बजट है। हालाँकि उनका यह भी मानना है कि प्रणव मुखर्जी ने अंतरिम बजट के लिए एक उचित तरीके का पालन किया है। उनके मुताबिक बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं होने से पैदा हुई निराशा ज्यादा लंबी नहीं चलेगी, क्योंकि आखिरकार इस अंतरिम बजट ने यथास्थिति को बनाये रखा है। लेकिन इस अंतरिम बजट में पूर्ण बजट के लिए कई ऐसे संकेत रखे गये हैं, जिन्हें सकारात्मक माना जा सकता है। खास कर यह कहा गया है कि विकास दर को बनाये रखने के लिए करों में कमी करनी होगी। चुनाव के बाद नये वित्त मंत्री के लिए इस सलाह को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर भाव में कमजोरी दिख रही है। आज के कारोबार में एक समय 162.65 रुपये का निचला स्तर छूने के बाद कंपनी का शेयर भाव दोपहर 2.55 बजे 5.97% की कमजोरी के साथ 170.80 रुपये पर है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के सीनियर वीपी टी एस हरिहर का मानना है कि इस अंतरिम बजट को पेश करते समय कार्यकारी वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के सामने अपनी सीमाएँ थीं। हरिहर का कहना है कि मुझे कुछ घोषणाएँ होने की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने केवल सरकार का रिपोर्ट कार्ड पढ़ने का काम किया। लेकिन बाजार की निराशा की वजह यह रही है कि इसने अंतरिम बजट से काफी उम्मीदें लगा ली थीं। उनके मुताबिक आज जब शेयर बाजार की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं तो उसके चलते तीखी गिरावट देखने को मिली।
दूरसंचार क्षेत्र की निजी कंपनी भारती एयरटेल ने नयी ऑनलाइन डेस्कटॉप सेवा शुरू की है। यह सेवा माइक्रोसॉफ्ट तथा नीवियो की तकनीक पर आधारित है। एयरटेल ब्रॉडबैंड के ग्राहक केवल 99 रुपये प्रति माह अदा करके इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हालाँकि इस खबर का कंपनी के शेयर भाव पर कोई सकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। पूरे बाजार की दिशा के मुताबिक ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में इसके शेयर भाव में कमजोरी दिख रही है।
इस अंतरिम बजट में सरकारी खजाने का घाटा (फिस्कल डेफिसिट) बढ़ कर 6% होने के अनुमान ने कई बाजार विश्लेषकों की चिंता को बढ़ा दिया है। मल्टीपल एक्स कैपिटल के सीईओ कवि कुमार का कहना है कि यह चेतावनी की घंटी है, क्योंकि इसमें अगर राज्य सरकारों के घाटे को भी मिला दें, तो कुल मिला कर जीडीपी के 11-12% के बराबर घाटा होता है। उनके मुताबिक यह ज्यादा चिंता की बात इसलिए है कि केवल सितंबर के बाद से धीमापन आने का इतना तीखा असर दिख रहा है।
अंतरिम बजट 2009-10 ने उद्योग जगत और शेयर बाजार को निराश किया है। हालाँकि यह अंतरिम बजट था जिसमें आम तौर पर बड़ी घोषणाएँ नहीं की जाती हैं, लेकिन मौजूदा आर्थिक संकट को देखते हुए सरकार से एक राहत योजना की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन इस अंतरिम बजट में ऐसा कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद लगायी जा सके। अब उद्योग जगत इस बात से चिंतित है कि चुनावी दौर शुरू होने की वजह से अगले 3-4 महीनों तक केंद्र सरकार से कोई नीतिगत मदद नहीं मिल सकेगी।