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अंतरिम वित्त मंत्री का अंतरिम बजट: गुल टेकचंदानी

gul teckchandaniनिवेश सलाहकार गुल टेकचंदानी का कहना है कि यह अंतरिम वित्त मंत्री का अंतरिम बजट है। हालाँकि उनका यह भी मानना है कि प्रणव मुखर्जी ने अंतरिम बजट के लिए एक उचित तरीके का पालन किया है। उनके मुताबिक बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं होने से पैदा हुई निराशा ज्यादा लंबी नहीं चलेगी, क्योंकि आखिरकार इस अंतरिम बजट ने यथास्थिति को बनाये रखा है। लेकिन इस अंतरिम बजट में पूर्ण बजट के लिए कई ऐसे संकेत रखे गये हैं, जिन्हें सकारात्मक माना जा सकता है। खास कर यह कहा गया है कि विकास दर को बनाये रखने के लिए करों में कमी करनी होगी। चुनाव के बाद नये वित्त मंत्री के लिए इस सलाह को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।

आने वाले महीनों के बारे में गुल टेकचंदानी का मानना है कि अगले 3-4 महीनों तक सरकार की ओर से कुछ खास नहीं होना है। इसलिए बाजार अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर ज्यादा ध्यान देगा। साथ ही, जनवरी-मार्च की तिमाही के नतीजे बाजार के लिए अगला बड़ा संकेत होंगे। गुल टेकचंदानी को उम्मीद है कि इस चौथी तिमाही के नतीजे कुछ बेहतर होंगे, क्योंकि रियल एस्टेट को छोड़ कर बाकी कई क्षेत्रों में स्थिति सँभलने लगी है।

हालाँकि सरकारी घाटे को बारे में उनका मानना है कि यह आने वाले महीनों में लगातार बढ़ता जायेगा, जिसका बांड बाजार नकारात्मक असर होगा। लेकिन फिलहाल इसका कोई विकल्प नहीं है। उनकी राय में कुछ समय बाद महँगाई दर एक बार फिर बढ़नी शुरू होगी, क्योंकि भारत और बाकी दुनिया के देशों में सरकार नये नोट छापने पर मजबूर होगी। इसके मद्देनजर अगले एक-सवा साल में ब्याज दरें घटने का सिलसिला वापस पलट सकता है और दरें फिर से बढ़नी शुरू हो सकती हैं।

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