आज विभिन्न समाचार माध्यमों में एबीजी शिपयार्ड के करीब 1000 करोड़ रुपये के ठेके निरस्त होने की संभावना की खबर आने के बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट दिख रही है। दोपहर 2.22 बजे बीएसई में कंपनी का शेयर भाव 4.4% की गिरावट के साथ 104 रुपये पर था।
एसीसी द्वारा अपने एक उत्पादन संयंत्र को 15 दिनों के लिए बंद करने के निर्णय के बाद आज इसके शेयरों में गिरावट का रुख है। बीएसई में दिन के कारोबार में 508.50 रुपये का निचला स्तर छूने के बाद दोपहर 1.49 बजे कंपनी का शेयर भाव 4.6% की गिरावट के साथ 511 रुपये पर था।
सत्यम कंप्यूटर्स द्वारा मेटास प्रॉपर्टीज और मेटास इन्फ्रा को खरीदने का फैसला करने और इस फैसले को रद्द करने के बाद शेयर बाजारों में इन कंपनियों को काफी मार पड़ रही है। आज के कारोबार में एक समय पिछले 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर 156.85 रुपये तक गिरने के बाद दोपहर 12.00 बजे सत्यम कंप्यूटर्स का शेयर भाव करीब 28% की गिरावट के साथ 163.10 रुपये पर था।
मोजर बेयर इंटरटेन्मेंट लिमिटेड ने यूटीवी मोशन पिक्चर्स के साथ होम विडियो लाइसेंसिंग के अधिकार से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इस खबर के आने के बाद शेयर बाजारों में आज के कारोबार में मोजर बेयर इंडिया और यूटीवी सॉफ्टवेयर कम्युनिकेशंस दोनों के शेयरों में उछाल दर्ज की गयी है।
2.36: भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट बढ़ गयी है। इस समय सेंसेक्स 174 अंक गिर कर 9,803 पर है, जबकि निफ्टी 60 अंकों की कमजोरी के साथ 2,982 पर है। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 1% की गिरावट है। बीएसई में बैंकिंग और पीएसयू सूचकांकों को छोड़ कर शेष सभी सूचकांक लाल निशान में आ गये हैं। रियल्टी, टीईसीके, पावर और धातु सूचकांक में 3% से अधिक गिरावट है। सत्यम कंप्यूटर्स में करीब 29% की कमजोरी दिख रही है। रिलायंस इन्फ्रा में 11.5%, रिलायंस कम्युनिकेशंस में 9.8%, जयप्रकाश एसोसिएट्स में 7.48% और एसीसी में 6% की गिरावट है। डीएलएफ, टाटा पावर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 5% से अधिक कमजोरी है। आईसीआईसीआई बैंक में 3.69%, इन्फोसिस में 2.7%, विप्रो में 2.3% और ग्रासिम इंडस्ट्रीज में 2% की बढ़त है।
सत्यम कंप्यूटर की ओर प्रमोटर परिवार की कंपनियों को खरीदने का फैसला करने और इस फैसले को रद्द करने के नाटकीय घटनाक्रम के बाद अब ब्रोकिंग फर्मों ने कंपनी की रेटिंग घटाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। जेपी मॉर्गन ने आईटी दिग्गजों की अपनी पसंदीदा सूची से सत्यम को निकाल दिया है और इसे अब "अंडरवेट" करार दिया है, यानी इसकी राय में निवेशकों को सत्यम में अपना निवेश घटा लेना चाहिए। सीएलएसए ने सत्यम का लक्ष्य भाव घटा कर 160 रुपये कर दिया है। आनंद राठी सिक्योरिटीज ने भी सत्यम कंप्यूटर को बेचने की सलाह देते हुए इसका लक्ष्य भाव घटा कर 150 रुपये कर दिया है।
17 दिसंबर 2008: आज अगर बाजार में एक अच्छी तेजी दिखती है और निफ्टी 3-4% तक ऊपर जाता है, तो बेच कर मुनाफा लेना चाहिए। बाजार में यह तेजी करीब 2,600 के स्तर से शुरू हो कर 3,150 तक जाती है, तो मोटे तौर पर यह 30% की उछाल है। बाजार के ऐसे माहौल में अगर लोगों को इतना मुनाफा दिखेगा, तो क्या वे यह मुनाफा घर ले जाना नहीं चाहेंगे?
सत्यम कंप्यूटर के चेयरमैन बी रामलिंग राजू को आश्चर्य है कि मेटास प्रॉपर्टीज और मेटास इन्फ्रा को खरीदने की उनकी योजना पर निवेशकों ने इतनी तीखी प्रतिक्रिया जतायी। लेकिन आश्चर्य तो हमें है, समूचे शेयर बाजार को है कि कैसे उन्होंने कॉर्पोरेट लूट का ऐसा फैसला करने का साहस जुटाया, इसके बारे में आखिर सोचा ही कैसे।
कल फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बहुप्रतीक्षित कटौती की घोषणा कर दी। इस घोषणा के साथ ही साथ फेडरल रिजर्व ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फिर से सामान्य हालात में लाने के लिए वह पूरी सहायता देने के लिए तैयार है। फलस्वरूप अमेरिकी शेयर बाजारों में मंगलवार दोपहर बाद के कारोबार में खासी उछाल देखी गयी और डॉव जोंस ने 4.2% की मजबूती दर्ज की।
बेशक सत्यम कंप्यूटर के चेयरमैन बी रामलिंग राजू कह सकते हैं कि मेटास प्रॉपर्टीज और मेटास इन्फ्रा का अधिग्रहण कानूनी रूप से बिल्कुल सही है। शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियाँ पहले भी अपने प्रमोटरों के स्वामित्व वाली कंपनियों को खरीदती रही हैं। जब तब सवाल उठते भी रहे हैं, लेकिन लोग यह मान लेते थे कि केवल कुछ छुटभैया कंपनियाँ ही प्रमोटरों को फायदा दिलाने की नीयत से ऐसा करती हैं। यानी एक समस्या को बेहद छोटे स्तर पर मान कर कभी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन अब सत्यम की मिसाल ने साबित किया है कि कोई कानूनी छेद कभी छोटा नहीं होता और उस छेद से कोई जब चाहे एक बड़ा फायदा उठा सकता है।
देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दो किश्तों में नॉन कनवर्टिबल डिबेंचरों (एनसीडी) के जरिये 1,000 करोड़ रुपये जुटाये हैं। इस एनसीडी इश्यू का प्रबंधन करने वाली निवेश बैंकिंग कंपनी इडेलवाइज कैपिटल ने जानकारी दी है कि 500 करोड़ रुपये के एनसीडी की दूसरी किश्त को भी सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है।
मंगलवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार मजबूती दर्ज करने के बाद बंद हुए। निफ्टी ने 3,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया और 61 अंकों की बढ़त के साथ 3,042 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 145 अंकों की मजबूती रही और यह 9,977 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर भारतीय शेयर बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दोपहर तक ये एक सीमित दायरे के बीच झूलते रहे। दोपहर बाद के कारोबार में भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आयी और बाजार इस दायरे को तोड़ने में कुछ हद तक कामयाब रहे। इस तेजी के दौरान सेंसेक्स ने 10,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर भी तोड़ दिया, लेकिन इसे बरकरार रखने में सफल नहीं हो सका।
मंगलवार के कारोबार में प्रमुख एशियाई शेयर बाजार हल्की बढ़त दर्ज करने के बाद बंद हुए, हालांकि निक्कई और जकार्ता कंपोजिट सूचकांकों में गिरावट रही। वैसे तो शंघाई कंपोजिट, ताइवान वेटेड, कॉस्पी, स्ट्रेट टाइम्स और हैंग सेंग सभी हरे निशान में बंद हुए, लेकिन इन सभी की मजबूती 1% से कम रही।
सीमेंस हेल्थकेयर ने 30 सितंबर 2008 को खत्म हुए साल के लिए 10% अंतिम लाभांश देने की घोषणा की है। हालांकि कंपनी को अप्रैल-सितंबर तिमाही में 208.7 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ा है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान कंपनी को 33.45 लाख रुपये का मुनाफा हुआ था।
इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को मेटलर्जिकल क्षेत्र से 1,372 करोड़ रुपये के ठेके हासिल हुए हैं। कंपनी को यह ठेके धातु क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण कंपनियों से मिले हैं। वेदांता एल्युमिनियम ने उड़ीसा के अपने लांजीगढ़ स्थित संयंत्र में 30 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली एलुमिना परिशोधनशाला (रिफाइनरी) की स्थापना के लिए कंपनी को 516 करोड़ रुपये का ठेका दिया है।
डेकन क्रॉनिकल ने अपने इक्विटी शेयरों पर 100% अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है। साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने अधिकतम 3.5 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदने को भी मंजूरी दे दी है।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।