एक्सन का अधिग्रहण पूरा: एचसीएल में उछाल
एचसीएल टेक्नालॉजी द्वारा ब्रिटिश कंपनी एक्सन का अधिग्रहण पूरा किये जाने की खबर का भारतीय शेयर बाजारों ने स्वागत किया है। बीएसई में 11.33 बजे एचसीएल के शेयर भाव में 11.5% की उछाल दिख रही है।
एचसीएल टेक्नालॉजी द्वारा ब्रिटिश कंपनी एक्सन का अधिग्रहण पूरा किये जाने की खबर का भारतीय शेयर बाजारों ने स्वागत किया है। बीएसई में 11.33 बजे एचसीएल के शेयर भाव में 11.5% की उछाल दिख रही है।
2.00: भारतीय शेयर बाजार में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव का रुख बना हुआ है। इस समय सेंसेक्स 13 अंकों की मजबूती के साथ करीब 9,845 पर है, जबकि निफ्टी 16 अंकों की बढ़त के साथ 2,997 पर है। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 2.3% की बढ़त है। बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक में 4% से अधिक मजबूती है, जबकि धातु और रियल्टी सूचकांक लाल निशान में चल रहे हैं। टाटा मोटर्स में करीब 4% और ओएनजीसी में 3.4% की मजबूती दिख रही है। रेनबैक्सी में 2.9% की बढ़त है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 7.4%, रिलायंस इन्फ्रा में 4.6%, एचडीएफसी में 3.8% और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3.18% की गिरावट है।
हालांकि ऑटो दिग्गजों को दी जाने वाली राहत योजना से संबंधित विधेयक को सीनेट ने खारिज कर दिया था, लेकिन सरकार द्वारा इन कंपनियों की मदद करने से संबंधित बयान ने सोमवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजारों को कुछ हद तक सहारा दिया।
राजीव रंजन झाकोई तोहफा मिले तो खुशी ही होती है। इसीलिए बैंकों की ओर से सस्ती ब्याज दरों की घोषणा पर लोग खुश हैं। रियल एस्टेट कंपनियाँ भी खुश हैं, क्योंकि उन्हें यह घोषणा डूबते को तिनके का सहारा लग रही है। निवेशक खुश हैं कि रियल एस्टेट शेयरों के भाव फिर से चढ़ने लगे हैं। बैंक खुश हैं कि अपने मार्जिन पर ज्यादा कोई दबाव डाले बिना उन्होंने सरकार को खुश कर दिया है। सरकार खुश है, क्योंकि चुनाव में डुगडुगी बजाने के लिए उसे एक और नारा मिल गया है।
भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मजबूती दर्ज करने में सफल रहे। सेंसेक्स 142 अंकों की मजबूती के साथ 9,832 पर रहा, जबकि निफ्टी 60 अंकों की बढ़त के साथ 2,981 पर बंद हुआ। मजबूत वैश्विक संकेतों के मद्देनजर शेयर बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 132 अंकों की बढ़त के साथ खुला और एक समय इसकी बढ़त 258 अंकों की हो गयी थी। लेकिन उसके बाद दिन भर सेंसेक्स मात्र 200 अंकों के एक सीमित दायरे में घूमता रहा।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई बाजार मजबूती दर्ज करने के बाद बंद हुए। जकार्ता कंपोजिट में 7.6% की भारी बढ़त दर्ज की गयी। जापान के निक्केई सूचकांक में 5.2% की मजबूती रही। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के सूचकांक कॉस्पी में 4.9% से अधिक की तेजी रही।
घर कर्ज पर लगने वाली ब्याज दरों में कमी की घोषणा के बाद रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में तेजी का रुख है। दोपहर 1.35 बजे बीएसई में ऑर्बिट कारपोरेशन में 12.5%, यूनिटेक में 9.9%, ओमैक्स में 9%, पेनिनसुला लैंड में 7%, पार्श्वनाथ डेवलपर्स में 6.9%, शोभा डेवलपर्स में 6.6% और डीएलएफ में 2.7% की मजबूती है।

टाटा स्टील और कोरस के विलय की संभावना वाली खबरों के चलते आज टाटा स्टील के शेयर भाव में जबरदस्त उछाल दिख रही है। आज सुबह बीएसई में टाटा स्टील 222.50 रुपये पर खुला, जो पिछले बंद भाव 217.90 रुपये की तुलना में करीब 2% ऊँचा था। दोपहर के कारोबार में इस शेयर ने अपनी मजबूती को और आगे बढ़ाया और 237.35 रुपये का ऊँचा स्तर छू लिया। लंदन के अखबार दी डेली मेल ने यह खास खबर दी है कि कोरस का विलय भारत की सबसे बड़ी स्टील कंपनी टाटा स्टील में हो सकता है।
2.31: शेयर बाजारों की मजबूती में कमी आती दिख रही है। इस समय सेंसेक्स करीब 136 अंकों की बढ़त के साथ 9,826 पर है। निफ्टी 55 अंकों की मजबूती के साथ 2,976 पर है। बीसई में धातु, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू सूचकांकों में करीब 4-6% की बढ़त है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज में 7.3%, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 7.28% और टाटा स्टील में 6.3% की मजबूती है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में करीब 5%, लार्सन एंड टुब्रो में 4.8% और ओएनजीसी में 3.8% की बढ़त है। रिलायंस कम्युनिकेशंस में 2.4% और टाटा पावर 1.8% की कमजोरी है।

बीते 15 सालों में पहली बार भारत के औद्योगिक उत्पादन का पहिया उल्टा घूम गया है। लोग सोच रहे थे कि अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन बढ़ने की दर पहले से कुछ धीमी हो कर 2-3% रहेगी, लेकिन यहाँ तो उत्पादन 0.4% घट गया। इन आंकड़ों के आने के बाद अब नवंबर महीने में भी स्थिति और बिगड़ने की आशंकाएँ जतायी जाने लगी हैं। कई विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि नवंबर में औद्योगिक उत्पादन करीब 1.5% तक घट सकता है।
गुरुवार की रात को सीनेट द्वारा ऑटो दिग्गजों को राहत देने संबंधित पैकेज को अस्वीकृत कर दिये जाने के मद्देनजर शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा और एक समय डॉव जोंस 200 से अधिक अंक नीचे चला गया था। लेकिन सरकार की ओर से जारी इस बयान के बाद बाजारों में वापसी देखी गयी कि वह इन कंपनियों की मदद करने के लिए तैयार है।
अक्टूबर 2008 में औद्योगिक उत्पादन घटने के बाद जारी अपनी रिपोर्ट में सेंट्रम ब्रोकिंग ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से ब्याज दरों में कटौती और नकदी बढ़ाने के उपायों ने अब तक ज्यादा सहारा नहीं दिया है। सेंट्रम का मानना है कि ये कदम जरूरी थे, लेकिन ऋण जोखिम पर इनका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
अक्टूबर महीने के नकारात्मक औद्योगिक विकास दर के प्रति फिक्की ने निराशा व्यक्त की है और बेहतर विकास दर बनाये रखने के लिए दूसरा राहत पैकेज तुरंत लाये जाने की सरकार से माँग की है। फिक्की के महासचिव डॉक्टर अमित मित्रा ने कहा है कि हाल ही में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में किये गये सर्वेक्षण से ऐसे नतीजों की ही उम्मीद थी, ऐसी स्थिति में अक्टूबर महीने में औद्योगिक विकास दर में कमी से फिक्की को आश्चर्य नहीं हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार हल्की मजबूती के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 45 अंक यानी 0.46% की मजबूती के साथ 9,690 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 1 अंक की मजबूती के साथ 2,921 पर रहा। हालांकि कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों की वजह से भारतीय बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार अपने निचले स्तरों से सँभल गये। एक समय 360 से अधिक अंक गिर चुका सेंसेक्स दोपहर बाद हरे निशान में आ गया।
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में आयी कमजोरी के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट रही। जापान के निक्केई सूचकांक में 5.56% की भारी गिरावट दर्ज की गयी, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 5.48% की कमजोरी रही।