शेयर मंथन में खोजें

सीमित दायरे में शेयर बाजार

2.00: भारतीय शेयर बाजार में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव का रुख बना हुआ है। इस समय सेंसेक्स 13 अंकों की मजबूती के साथ करीब 9,845 पर है, जबकि निफ्टी 16 अंकों की बढ़त के साथ 2,997 पर है। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 2.3% की बढ़त है। बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक में 4% से अधिक मजबूती है, जबकि धातु और रियल्टी सूचकांक लाल निशान में चल रहे हैं। टाटा मोटर्स में करीब 4% और ओएनजीसी में 3.4% की मजबूती दिख रही है। रेनबैक्सी में 2.9% की बढ़त है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 7.4%, रिलायंस इन्फ्रा में 4.6%, एचडीएफसी में 3.8% और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3.18% की गिरावट है।

12.00: दोपहर के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार अपने दायरे को तोड़ने की कोशिश करता दिख रहा है। फिलहाल यह दिन के सबसे ऊँचे स्तरों के करीब है। आज सुबह से सेंसेक्स करीब 9800 से लेकर 9870 के छोटे दायरे में सिमटा दिख रहा था। लेकिन कुछ ही देर पहले  इसने 9914 का ऊँचा स्तर छुआ है। हालांकि अभी यह देखना बाकी है कि 10,000 के स्तर के करीब जाने पर इसमें एक हिचक दिखती है, या फिर यह उस स्तर को तोड़ कर आगे बढ़ पाता है। बोनांजा पोर्टफोलियो के रिसर्च प्रमुख पी के अग्रवाल का मानना है कि सेंसेक्स के लिए 10,000 के ऊपर बंद होना मुश्किल होगा। इसी तरह निफ्टी के लिए उनकी राय में 3050 पर कड़ी बाधा होगी। इस समय सबसे ज्यादा तेजी कंज्यूमर ड्यूरेबल, पीएसयू, आईटी, हेल्थकेयर, कैपिटल गुड्स और बिजली क्षेत्रों के सूचकांकों में दिख रही है।

11.21: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में कारोबार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई। इस समय शेयर बाजारों के सूचकांकों में एक सीमित दायरे के भीतर उतार-चढ़ाव दिख रहा है। निफ्टी 21 अंकों की मजबूती के साथ 3,002 पर है, जबकि सेंसेक्स 35 अंकों की बढ़त के साथ 9,867 पर है। बीएसई मिडकैप सूचकांक में करीब 2% की मजबूती दिख रही है। बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू सूचकांकों में 3.5% से अधिक बढ़त है। टाटा मोटर्स में 3.7% और रेनबैक्सी में 3.2% की मजबूती दिख रही है। ओएनजीसी, एनटीपीसी, विप्रो, सत्यम और टीसीएस में 2-3% की बढ़त है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 4.6%, एचडीएफसी में 4.1%, रिलायंस इन्फ्रा में 2.8% और महिंद्रा एंड महिंद्रा में करीब 2% की गिरावट है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख