घरेलू पॉल्टी उद्योग की ओर से सोयामील की कमजोर माँग और किसानो के पास लगभग 38.53 लाख टन के भारी स्टॉक के कारण हाजिर बाजारों में नरमी के सेंटीमेंट को देखते हुए पता चलता है कि सोयाबीन की कीमतों में बढ़त सीमित रह सकती है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।