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मेनबोर्ड पर आये 100 से अधिक आईपीओ, जुटायी गयी रकम 1.75 लाख करोड़ रुपये के पार

भारतीय प्राथमिक बाजार ने 2025 में एक नया इतिहास रच दिया है। मेनबोर्ड पर आये आईपीओ के जरिये कंपनियों ने अब तक की सबसे अधिक पूँजी जुटायी है।

नवंबर में म्यूचुअल फंड उद्योग का AUM नये रिकॉर्ड पर - सिप में हल्की कमी, पर इक्विटी निवेश बढ़ा

नवंबर 2025 भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में नयी तेजी देखने को मिली है। इस महीने उद्योग का नेट एयूएम बढ़कर 80,80,369.52 करोड़ रुपये पर पहुँच गया, जो अक्टूबर 2025 के 79,87,939.94 करोड़ रुपये की तुलना में मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

फेड की दरों में कटौती बॉन्ड मार्केट के लिए सकारात्मक : दीपक अग्रवाल, कोटक म्यूचुअल फंड

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने अपनी एफओएमसी (FOMC) बैठक में 25 आधार अंक या बेसिस पॉइंट (bps) की दर कटौती करते हुए फेड फंड रेट को 3.50–3.75% के दायरे में ला दिया। वोटिंग 9–3 रही, जिसमें गवर्नर मिरान ने 50 आधार अंक की बड़ी कटौती का समर्थन किया, जबकि गूल्सबी और श्मिड ने किसी भी बदलाव का विरोध किया।

नवंबर 2025 में जीएसटी (GST) संग्रह 8.9% बढ़ा, पहुँचा 14.75 लाख करोड़ रुपये

भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) संग्रह (कलेक्शन) नवंबर 2025 में 8.9% बढ़कर 14,75,488 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नवंबर 2024 में यह 13,55,242 करोड़ रुपये था।

ट्रंप टैरिफ के बावजूद भारत की GDP 8.2% की उछाल पर, छह तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार

जुलाई-सितंबर 2025 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ बढ़कर 8.2% हो गई, जो विनिर्माण, निर्माण और वित्तीय सेवाएँ में मजबूत परफॉर्मेंस की वजह से छह तिमाहियों में सबसे ज्यादा है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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