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चीन और अमेरिकी खुदरा बिक्री नतीजों से बेस मेटल की दिशा होगी तय

बेस मेटल में मिला-जुला कारोबार हो सकता है। चीन में खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन के आँकड़ो के साथ ही अमेरिकी खुदरा बिक्री आकँड़ों से कीमतों को दिशा मिल सकती है।

इस बीच चीन के औद्योगिक समूह ने अपने औद्योगिक सेक्टर को 'स्मार्ट' फैक्ट्रयों, हरित मैनुफैक्चरिंग और परिवहन से अपग्रेड करने की योजना बनायी है, जिसके कारण 2025 तक तांबे की वार्षिक माँग में 2,32,000 टन तक वृद्धि होने का अनुमान है। तांबे की कीमतें 440-450 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं। पिछले महीने चीन ने 3,30,000 टन कच्चे तांबे का आयात किया है, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में 2,90,000 टन आयात किया था। लेकिन सितंबर के 4,30,000 टन कि तुलना में कम है। जंक की कीमतें पर 210-216 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। चीन में प्रीमियम 10 डॉलर कम होकर 165 डॉलर प्रति टन रह गया है जो जून के बाद सबसे कम है। लेड की कीमतें 160-166 रुपये के दायरे कारोबार कर सकती हैं। निकल की कीमतें 780-795 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। लिथियम बैटरी की इस्तेमाल वाली इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में उछाल की संभावना से निकल की कीमतों मे तेजी दर्ज की जा सकती है। एलएमई के वेयरहाउसों में निकल का भंडार धीर्-धीरे बढ़ रहा है जो पिछले वर्ष के अंत के 3,60,000 टन से बढ़ कर पिछले हफ्ते 3,82,353 टन हो गया है। एल्युमीनियम की कीमतों 135-138 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। चीन द्वारा जाड़े के दिनों में प्रदूषण कम करने की कार्यवाही के तहत प्रदूषक स्मेलटरों के बंद करने से विश्व बाजार में एल्युमीनियम की कमी हो सकती है। चीन में भंडार बढ़ता जा रहा है और वायदा कर्व कॉन्टैंगो में है, जिससे पता चलता है कि एल्युमीनियम की कमी नही है। (शेयर मंथन, 13 नवंबर 2017)

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