कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को शुरुआती सत्र में भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी देखने को मिल रही है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को शुरुआती सत्र में बाजार में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक जोरदार मजबूती के साथ बंद हुए।
आरबीआई गवर्नर के इस्तीफे और पाँच राज्यों के चुनाव नतीजों के रुझानों से शुरुआत में लगे झटकों से संभल कर मंगलवार को अंत में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
अगले सप्ताह से टीसीएस और इन्फोसिस सहित प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों की शुरुआत से पहले निवेशक सतर्क दिखे, जिससे बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार सपाट रहा।
कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्स स्तर पर पहुँच गये हैं।
बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती देखने को मिल रही है।
लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत हुई है।
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों के साथ ही दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में मजबूती के सहारे मंगलवार को बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की गयी।
गुरुवार को शेयर बाजार में जोरदार तेजी के बीच निफ्टी 11,550 के ऊपर बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार (Stock Markets) में आज मंगलवार 3 अगस्त को जबरदस्त तेजी रही। इसके दोनों प्रमुख सूचकांक - सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) नये रिकॉर्ड स्तरों को छूने में सफल रहे। प्रस्तुत हैं आज के कारोबार की मुख्य बातों के पंचसूत्र :
मौजूदा हालात में शेयर बाजार के सामने सबसे पहला और सबसे ठोस ट्रिगर तिमाही नतीजों का सीजन ही है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के बीच आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा बाजार स्तर पर एकमुश्त (लंपसम) निवेश करना सही रहेगा या फिर इसे चरणबद्ध तरीके से लगाना बेहतर होगा।
आज सुबह-सुबह भारतीय शेयर बाजार खुलते ही इसके लिए एक ऐतिहासिक क्षण आ गया, जब इसके सबसे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ने पहली बार 50,000 का स्तर पार कर लिया।
शेयर बाजार में जिस तरह की हलचल और बेचैनी देखने को मिली, उसने निवेशकों को थोड़ा चिंतित कर दिया है। पहले ऐसा लग रहा था कि ट्रंप टैरिफ का भारतीय बाजार में डर और घबराहट का माहौल बन गया।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त खरीदारी से सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
कारोबारी हफ्ते के अंतिम दिन शुक्रवार को रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट आयी।
भारतीय शेयर बाज़ार एक बार फिर तेज़ी की राह पर लौटने की तैयारी में है, और सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस रैली को आगे कौन से सेक्टर लीड करेंगे।
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आयकर अधिनियम (इनकम टैक्स ऐक्ट), 1961 की जगह आयकर अधिनियम 2025 ने ले ली है। इस नये कानून के नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।
मार्च के शुरुआती 3 सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार 8% से ज्यादा टूट चुका है। और यह गिरावट एक ऐसे युद्ध के चलते आयी है, जिसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।