अमेरिकी बाजार में गिरावट के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है।
अमेरिकी बाजार में आयी गिरावट के बावजूद बुधवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है।
साल के आखरी कारोबारी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों ने मजबूत शुरुआत की है।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिल रही है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिल रही है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे सभी प्रमुख सूचकांक कमजोर स्थिति में है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान एशियाई बाजारों में हल्की बढ़त दिख रही है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन एशियाई बाजारों में मिली-जुली शुरुआत हुई है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में मिली-जुली स्थिति देखने को मिल रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आयातित कारों और कलपुर्जों पर शुल्क टाल दिया है, जिसके बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में मिली-जुली शुरुआत हुई है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अर्थव्यवस्था के बारे में आशावादी टिप्पणी के बाद गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती सत्र में मिला-जुला कारोबार हो रहा है।
अमेरिकी बाजार में आयी गिरावट से कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला कारोबार हो रहा है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला कारोबार है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। हैंग सेंग में बढ़त और शंघाई कंपोजिट में गिरावट है।
कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिली-जुली शुरुआत हुई है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।