कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों में नरमी का रुझान है और निर्यात माँग में कमी की चिंताओं के कारण काटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 21,600 रुपये के स्तर पर बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 19,000-19,100 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
कॉटन वायदा (जनवरी) की कीमतों के 20,400-20,600 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार किए जाने की उम्मीद है।
कम स्टॉक और कताई मिलों एवं उद्योगों की ओर से अच्छी माँग के बीच सीसीआई द्वारा नीलामी मूल्य में वृद्धि करने कारण कॉटन वायदा (अगस्त) की कीमतें कल 27,470 रुपये की एक नयी ऊँचाई पर पहुँच गयी।
कॉटन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के 19,850-20,100 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कॉटन वायदा (जनवरी) की कीमतों में तेजी का सेंटीमेंट है और कीमतें 20,800 रुपये के पास सहारा के साथ 21,600 रुपये तक बढोतरी होने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान पर कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 20,450-20,650 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में एमसीएक्स में चाँदी (जुलाई) खरीदने की सलाह दी है।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में एमसीएक्स में चाँदी खरीदने की सलाह दी है।
Page 67 of 164
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।