हाजिर बाजारों से बेहतर रुझानों के कारण हल्दी वायदा (जून) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 6,950-7,100 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (नवंबर) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 6,950-7,150 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 7,450-7,750 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों के 7,140-7,270 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 7,200-7,500 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 7,200-7,500 रूपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (दिसम्बर) की कीमतों के 7,550-7,750 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 7,200-7,500 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों का रुझान कमजोर हो गया है और आगामी दिनो में कीमतों में 7,400-7,350 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
उच्च स्तर पर टेक्निकल बिकवाली के कारण हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतें कल 2% की गिरावट के साथ बंद हुई।
महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण हल्दी क्षेत्रों में नुकसान की खबरों के कारण हल्दी वायदा (अगस्त) की कीमतें 7,450-7,460 रुपये के स्तर तक बढ़त दर्ज कर सकती है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के लिए 6,870-6,900 रुपये पर बाधा रह सकती है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 7,100-7,350 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हाजिर बाजार में माँग में बढ़ोतरी न होने और अच्छी बुवाई क्षेत्र की खबरों के कारण हल्दी वायदा (अगस्त) की कीमतों में 7,100 रुपये तक गिरावट जारी रहने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।