शेयर मंथन में खोजें

कुछ तिमाहियों तक ब्‍याज दरें रहेंगी स्थिर

विजय चोपड़ा

एमडी-सीईओ, इनॉच इंटरमीडियरीज

सकारात्मक बातों में एफआईआई खरीदारी, महँगाई दर में कमी, ब्याज दरों के घटने की संभावना, कच्चे तेल की नीची कीमतें, कंपनियों की आय (अर्निंग) अच्छी रहना, अच्छा कर संग्रह और घरेलू खपत को गिना जा सकता है।

वहीं भूराजनीतिक तनाव, डॉलर की मजबूती, चुनावी नतीजे, महँगाई दर यदि ऊपर जाने लगे, निर्यात में कमी, चालू खाता घाटा (सीएडी), फिस्कल डेफिसिट, ऋण स्तरों में वृद्धि और सीमा पर तनाव जैसे कारक नकारात्मक बन सकते हैं। देश की जीडीपी चालू वित्‍त वर्ष में 6.5% और अगले वित्‍त वर्ष में 7.2% रह सकती है। भारतीय बाजारों का प्रदर्शन अगले एक साल में वैश्विक बाजारों के मुकाबले उम्मीद से बेहतर रहने का अनुमान है।

बढ़ती महँगाई और ऊँची ब्‍याज दरें बाजार के लिए काफी अहम हो सकती हैं। मेरा मानना है कि कुछ और तिमाहियों तक रिजर्व बैंक ब्‍याज दरें स्थिर रख सकता है। मेरा अनुमान है कि अगले छह महीने में सेंसेक्‍स 68,000 और निफ्टी 20,000 के आस-पास रह सकता है। एक साल में सेंसेक्‍स 69,000 और निफ्टी 21,000 तक जा सकते हैं।

(शेयर मंथन, 08 जुलाई 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख