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शेयर बाजार

ईरान-इजरायल तनाव से सहमे बाजार, गिफ्ट निफ्टी टूटा, Sensex-Nifty में गिरावट के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (16 अप्रैल) को गिरावट के साथ कारोबार देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 118.50 अंकों का नुकसान नजर आ रहा है और यह 0.53% टूट कर 22,131.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

ईरान-इजरायल संघर्ष विराम से Gift Nifty में उछाल, भारतीय बाजार में गैप-अप शुरुआत के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (24 जून) को कारोबार की गैप-अप शुरुआत देखने को मिल सकती है। 23 और 24 जून की दरमयानी रात को अमेरिका द्वारा ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद गिफ्ट निफ्टी में जबरदस्त उछाल देखने को मिली और ये सुबह 8.15 बजे के आसपास 205.00 अंकों की बढ़त के साथ 0.82% जोड़ कर 25,255.00 के आसपास  मंडरा रहा है।   

ईसीबी बांड खरीद से उत्साहित बाजार, सेंसेक्स में उछाल

यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से 1000 अरब यूरो से ज्यादा के बांड खरीदारी कार्यक्रम की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी अच्छा उत्साह दिख रहा है।

ईसीबी (ECB) के राहत पैकेज की उम्मीदों से अमेरिकी बाजार में तेजी

यूरोपियन सेंट्रल बैंक (European Central Bank) से नयी आर्थिक मदद के संकेतों और ठंडे पड़े कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लौटने से कल गुरुवार को अमेरिका और यूरोप के बाजारों में अच्छी मजबूती देखने को मिली।

उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उछला ओबेरॉय रियल्टी (Oberoi Realty)

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) में आज सुबह के कारोबार में ओबेरॉय रियल्टी (Oberoi Realty) का शेयर उछल कर 230 रुपये तक चला गया।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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