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रियल एस्टेट के लिए कुछ खट्टा, कुछ मीठा बजट : आम्रपाली

आम्रपाली समूह (Amrapali Group) के सीएमडी और क्रेडाई (दिल्ली-एनसीआर) के उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा (Anil Kumar Sharma) ने रियल एस्टेट (Real Estate) क्षेत्र के लिए इस साल के बजट (Budget) को मिला-जुला माना है। 

उनके मुताबिक 50 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति के हस्तांतरण और खरीद पर 1% अतिरिक्त टीडीएस काटे जाने से केवल धनी लोगों पर नहीं, बल्कि बड़े शहरों में मध्यम वर्ग पर भी असर होगा। इससे मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भी अपना घर खरीदना कुछ महँगा हो जायेगा। 
रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा और सस्ते घरों की योजनाओं को बुनियादी ढाँचा का दर्जा दिये जाने की माँग नहीं माने जाने पर भी उन्होंने निराशा जतायी है। डॉ. शर्मा ने कहा कि इसके अलावा गृह परियोजनाओं (हाउसिंग प्रोजेक्ट) के लिए एकल खिड़की स्वीकृति या सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था लागू करने की माँग माने जाने की उम्मीद भी पूरी नहीं हो पायी है। 
लेकिन कुछ बातों पर राहत भी मिली है। डॉ. शर्मा के मुताबिक गृह कर्ज (Home Loan) के ब्याज भुगतान पर मिलने वाली छूट की सीमा को बढ़ा कर ढाई लाख रुपये करना अच्छा कदम है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घोषित किया कि पहली बार घर खरीदने वालों 25 लाख रुपये तक के गृह कर्ज के ब्याज भुगतान पर एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त कर छूट मिलेगी। मौजूदा प्रावधानों के तहत किसी भी गृह कर्ज के ब्याज भुगतान पर 1.5 लाख रुपये की कर छूट मिलती है। 
उन्होंने कहा कि इसके अलावा सीमेंट, एल्युमीनियम और इस्पात जैसी निर्माण सामग्रियों पर कोई अतिरिक्त उत्पाद (एक्साइज) शुल्क नहीं लगाया जाना और सेवा कर (सर्विस टैक्स) में बढ़ोतरी नहीं होना भी रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए राहत की बात है। (शेयर मंथन, 28 फरवरी 2013)

 

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