केपीआईटी टेक्नोलॉजीज (KPIT Technologies) को लेकर एक निवेशक ने सवाल किया कि क्या मौजूदा स्तरों से अगले दो वर्षों के लिए इसमें निवेश किया जा सकता है।
उनका तर्क था कि भले ही कंपनी के प्रबंधन ने तिमाही नतीजों से पहले अपनी ग्रोथ गाइडेंस घटा दी हो, लेकिन कंपनी की गुणवत्ता अच्छी है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सकते हैं। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि किसी कंपनी का "अच्छी कंपनी" होना और निवेशकों को अच्छा रिटर्न देना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। केवल इस आधार पर कि कंपनी खत्म नहीं होगी या उसका कारोबार मजबूत है, निवेश का फैसला नहीं किया जा सकता। एक अच्छी कंपनी का शेयर भी 40-50 फीसदी तक गिर सकता है। इसलिए केवल कीमत में आई बड़ी गिरावट को खरीदारी का आधार बनाना सही रणनीति नहीं है।
एक्सपर्ट के अनुसार फिलहाल KPIT के पक्ष में ऐसे कोई मजबूत संकेत नहीं हैं जो यह बताएं कि कंपनी का कठिन दौर खत्म हो चुका है। प्रबंधन ने स्वयं ग्रोथ गाइडेंस घटाई है, जबकि तकनीकी और वित्तीय दोनों ही संकेत अभी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में यह मान लेना कि शेयर अब केवल ऊपर ही जाएगा, जोखिम भरा हो सकता है।
तकनीकी रूप से 800 रुपये का स्तर बेहद अहम माना गया है। एक्सपर्ट का कहना है कि जब तक शेयर इस स्तर के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक इसमें ट्रेंड बदलने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलेगा। इसलिए केवल उम्मीद के आधार पर निवेश करने के बजाय निवेशकों को ट्रेंड में सुधार आने का इंतजार करना चाहिए। फिलहाल दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सतर्क रहना और जल्दबाजी से बचना ही बेहतर रणनीति मानी गई है।
(शेयर मंथन, 31 जुलाई 2026)
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