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कंपनियों की सुर्खियाँ

एनबीसीसी (NBCC) करेगी सात बस टर्मिनलों के निर्माण की निगरानी

सरकारी कंपनी एनबीसीसी (NBCC) को गुजरात में सात बस टर्मिनलों के निर्माण की निगरानी के लिए स्वतंत्र इंजीनियर नियुक्त किया गया है।

अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) : आमदनी और मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर फिसला

विश्व की प्रमुख 15 टायर निर्माता कंपनियों में से एक अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही औऱ वार्षिक वित्तीय नतीजे घोषित किये।

तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले चढ़ा हैवेल्स इंडिया (Havells India) का शेयर

प्रमुख विद्युत उत्पाद निर्माता कंपनी हैवेल्स इंडिया (Havells India) आज वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित करेगी।

शानदार तिमाही नतीजों से एम्फैसिस (Mphasis) ने छुआ 52 हफ्तों का शिखर

2017 की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले 2018 की समान अवधि में एम्फैसिस (Mphasis) का मुनाफा 29.1% अधिक रहा। एम्फैसिस ने 184.1 करोड़ रुपये की तुलना में 237.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।

आमदनी घटने से कम हुआ अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) का मुनाफा

वर्ष दर वर्ष आधार पर 2018 की जनवरी-मार्च तिमाही में अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) की कुल आमदनी 11.84% घटी, जिसका नकारात्मक असर कंपनी के मुनाफे पर भी पड़ा है।

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : अदाणी ट्रांसमिशन, एशियन पेंट्स, पीसी ज्वेलर, अदाणी एंटरप्राइजेज, अपोलो टायर्स और एनबीसीसी

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें अदाणी ट्रांसमिशन, एशियन पेंट्स, पीसी ज्वेलर, अदाणी एंटरप्राइजेज, अपोलो टायर्स और एनबीसीसी शामिल हैं।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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