शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : सीएंट, एचसीएल टेक, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल, अशोक लेलैंड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें सीएंट, एचसीएल टेक, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल, अशोक लेलैंड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम शामिल हैं।

तिमाही नतीजे आज - इन्फोसिस, 3आई इन्फोटेक और बजाज कॉर्प
सीएंट - अप्रैल-जून तिमाही में मुनाफा 82.5 करोड़ रुपये और आमदनी 1,097 करोड़ रुपये रही।
एचसीएल टेक - कंपनी के बोर्ड ने 3.63 करोड़ शेयरों को 1,100 रुपये की दर से खरीदने को मंजूरी दी।
वकरांगी - वकरांगी ने रिलायंस निप्पॉन लाइफ एसेट के साथ समझौता किया।
ट्राइजिन टेक - ट्राइजिन टेक ने ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्युशन के साथ बेंगलुरु में डेटासेंटर स्थापित करने के लिए करार किया।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल - महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल ने 400 करोड़ रुपये के डिबेंचर आवंटित किये।
इलाहाबाद बैंक - बैंक ने नॉन-कोर संपत्तियों की बिकवाली को मंजूरी दी।
टाटा कम्युनिकेशंस - एनसीएलटी ने टाटा कम्युनिकेशंस और हेमीस्फेयर प्रॉपर्टीज के बीच व्यवस्था की योजना और पुनर्गठन को मंजूरी दी।
सोम डिस्टिलरीज - आज कंपनी का बोर्ड 36,82,563 शेयरों के आवंटन पर विचार करेगा।
अशोक लेलैंड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम - कंपनियों ने सह-ब्रांडेड ईंधन कार्ड लॉन्च किया।
कॉफी डे - आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने कंपनी के 17,67,207 शेयर बेचे।
आईडीबीआई बैंक - बैंक को कर्मचारियों के एक समूह की ओर से हड़ताल के लिए नोटिस मिला। (शेयर मंथन, 13 जुलाई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख