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टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) को इसलिए मिली एनसीएलटी (NCLT) की मंजूरी

एनसीएलटी (NCLT) ने टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) से करीब 773 एकड़ अधिशेष जमीन को अलग कर हेमिस्फेयर प्रॉपर्टीज (Hemisphere Properties) में मिलाने की मंजूरी दे दी है।

16 साल पुराने मामले में टाटा कम्युनिकेशंस ने एनसीएलटी में याचिका दाखिल की थी। वहीं सरकारी कंपनी हेमीस्फेयर प्रॉपर्टीज ने भी इस संबंध में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय से मंजूरी माँगी है। कॉर्पोरेट मंत्रालय की ओर से हरी झंडी दिखाये जाने के बाद यह योजना लागू हो जायेगी।
गौरतलब है कि टाटा कम्युनिकेशंस का पुरान नाम विदेश संचार सरकारी है, जो कि एक सरकारी कंपनी थी। 2002 में सरकार ने इसमें नियंत्रण हिस्सेदारी पैनाटोन फिनवेस्ट को हस्तांतरित कर दी, जो कि टाटा समूह की विशेष उद्देश्य इकाई है। उस समय कुल 1,230.13 एकड़ में से 773.13 एकड़ जमीन को सौदे से बाहर रखा गया। पैनाटोन फिनवेस्ट को 773.13 जमीन को एक रियल्टी कंपनी को सौंपना था, जिसके लिए हेमिस्फेयर प्रॉपर्टीज बनायी गयी।
बीएसई में टाटा कम्युनिकेशंस का शेयर 608.75 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले आज 622.00 रुपये पर खुला और 605.00 रुपये के निचले स्तर तक फिसला। पौने 12 बजे के करीब यह 1.30 रुपये या 0.21% की कमजोरी के साथ 607.45 रुपये पर है। (शेयर मंथन, 13 जुलाई 2018)

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