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खुदरा महँगाई दर (CPI) ने बदला रुख, जुलाई में दर्ज की बढ़त

मुख्यतः सब्जियों की कीमत बढ़ने की वजह से जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से दर्शायी जाने वाली खुदरा महँगाई दर (Retail Inflation) बढ़ कर 2.36% हो गयी है।

सोमवार 14 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

मुंबई उच्च न्यायालय ने संकटग्रस्त सहारा समूह की महाराष्‍ट्र स्थित एंबी वैली रिजॉर्ट सिटी को सार्वजनिक नीलामी के लिए जारी कर दिया है। एंबी वैली के आधिकारिक लिक्विडेटर ने नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य 37,392 करोड़ रुपये तय किया है।

शुक्रवार 11 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

कारोबारी साल 2016-17 के लिए जारी आर्थिक समीक्षा के दूसरे भाग में कहा गया है कि साल 2017-18 में 7.5% की विकास दर हासिल करना कठिन है। समीक्षा में यह भी माना गया है कि ब्याज दरों में कमी की गुंजाइश अभी भी है।

राजीव कुमार (Rajiv Kumar) बनेंगे नीति आयोग (NITI Aayog) के नये उपाध्यक्ष

अर्थशास्त्री डॉ. राजीव कुमार को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा की गयी है। वे अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) की जगह लेंगे, जो 31 अगस्त को यह पद छोड़ देंगे। पनगढ़िया ने एक अगस्त को यह कहते हुए इस पद को छोड़ने की घोषणा कर दी थी कि वे अध्यापन के क्षेत्र में वापस लौटना चाहते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने की रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती

वर्तमान आर्थिक स्थिति के आकलन के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान रेपो रेट में 25 आधार अंको की कटौती की है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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