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कंपनियों की सुर्खियाँ

फंगस इन्फेक्शन की दवा विकसित करने के लिए एल्केम लैब का बायोसर्जेन एबी के साथ करार

दवा की नामी कंपनी एल्केम लेबोरेट्रीज ने बायोसर्जेन एबी यानी Biosergen AB के साथ लाइसेंसिंग करार का ऐलान किया है। कंपनी ने यह करार फंगस यानी फफूंद से होने वाली बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा के लिए किया है।

स्ट्राइड्स फार्मा बोर्ड से सीडीएमओ, सॉफ्ट जिलेटिन कारोबार के डीमर्जर को मंजूरी

स्ट्राइड्स फार्मा के बोर्ड ने एक अहम फैसला लिया है। स्ट्राइड्स फार्मा और स्टेरिसाइंस स्पेश्यालिटिज प्राइवेट लिमिटेड ने स्कीम ऑफ अरैंजमेंट को मंजूरी दी है। बोर्ड ने सीडीएमओ (CDMO) यानी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन (Contract Development & Manufacturing Organization) कारोबार को अलग करने का फैसला किया है।

ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज में 75% हिस्सा बिक्री को ग्लेनमार्क फार्मा बोर्ड से मंजूरी

ग्लेनमार्क फार्मा के बोर्ड ने ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज में 75% हिस्सा बिक्री को मंजूरी दी है। कंपनी 75% हिस्सा निरमा को 5652 करोड़ रुपये में बेचेगी।

एमऐंडएम का कनाडा की रेसन एयरोस्पेस कारोबार को बंद करने का फैसला

ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की कनाडा की सहयोगी कंपनी रेसन एयरोस्पेसस कॉरपोरेशन यानी Resson Aerospace Corporation के कारोबार को बंद करने का फैसला किया है।

बायोकॉन बायोलॉजिक्स को यूरोपियन कमीशन से दवा के लिए मंजूरी मिली

 बायोकॉन की सब्सिडियरी बायोकॉन बायोलॉजिक्स को यूरोपियन कमीशन से दवा के लिए मंजूरी मिली है। कंपनी को यह मंजूरी आंखों की दवा के लिए मिली है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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