शेयर मंथन में खोजें

News

क्रेडिट कार्ड के आईडी वेरिफिकेशन के नाम पर फ्रॉड से उड़ी लोगों की नींद, आप भी हो जायें सावधान!

एक तरफ दुनिया जहाँ डिजिटल तौर-तरीकों को अपनाकर आगे बढ़ रही है, वहीं  फ्रॉड के मामले भी बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी हर बार नये तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अब क्रेडिट कार्ड से जुड़ा सामने आया है, जिसके एक ग्राहकों को लाखों का चूना लग गया। कार्ड होल्डर ने इस मामले में पुलिस में केस दर्ज कराया है कि उसके साथ करीब 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है।

सैलरी कम होने पर भी मिल सकता है पर्सनल लोन, रखें इन बातों का ध्यान

कई बार देखने को मिलता है कि कम सैलरी होने पर जल्दी लोन नहीं मिलता है। लेकिन, परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो कम सैलरी होने के बावजूद आपको पर्सनल लोन मिल सकता है। वहीं, खराब क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को लोन तो मिल जाता है, बस इसमें ब्याज दरों का फर्क हो सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस हुआ महँगा, प्रीमियम चुकाने के लिए हर महीने कर्ज ले रहे हजारों लोग  

आजकल स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ने लगा है। इसलिये लोग स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं। अब उनका प्रीमियम भी सस्ता नहीं है। हालत ये हो गयी है कि प्रीमियम महँगा होने के कारण लोग हेल्थ कवर बनाये रखने के लिए लोन तक ले रहे हैं।

पिछले साल के मुकाबले इतना बढ़ा प्रत्यक्ष कर संग्रह, सरकार के खजाने में आये 25.86 लाख करोड़

चालू वित्त वर्ष में 16 मार्च तक देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में जोरदार वृद्धि दर्ज की गयी है। इस संग्रह में कॉरपोरेट टैक्स से ज्यादा गैर-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन है। ये कर भी करदाताओं से आयकर विभाग वसूलता है। वित्त वर्ष 2024-25 में 16 मार्च तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.12% बढ़ने के साथ 25.86 लाख करोड़ रुपये का रहा है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख