शेयर मंथन में खोजें

News

फरवरी में थोक महँगाई दर घटकर 3.85% हुई, जनवरी 2021 के बाद सबसे कम

देश में फरवरी 2023 के महीने में थोक महँगाई दर लगातार नौवें महीने घटकर 3.85% पर आ गयी। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति दर इस साल जनवरी में 4.73% और फरवरी 2022 में 13.43% थी। जनवरी 2021 के बाद यह सबसे कम है, तब थोक मुद्रास्फीति 4.73% थी।

टाटा टेक्नोलॉजीज ने IPO के लिए SEBI को सौंपे दस्तावेज, 18 साल बाद आयेगा समूह का आईपीओ

टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) लिमिटेड ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिये धन जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। टाटा समूह का यह 18 साल में पहला आईपीओ होगा।

ऐक्सिस म्यूचुअल फंड के नेतृत्व में बदलाव, बी गोपकुमार बने सीईओ और आशीष गुप्ता होंगे सीआईओ

एक्सिस म्यूचुअल फंड के बोर्ड ने बी गोपकुमार को अगला प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आशीष गुप्ता को अपना मुख्य निवेश अधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तब हुई जब मौजूदा प्रबंध निदेशक और सीईओ चंद्रेश निगम ने 10 साल के लंबे कार्यकाल के बाद एक और कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति के लिए विचार नहीं करने का अनुरोध किया। उनका कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

PhonePe में 10 से 15 करोड़ डॉलर का निवेश करेंगे Binny Bansal

फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल फोनपे में लगभग 10 से 15 करोड़ डॉलर का निवेश करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह डील अगर सफल रहती है तो यह एक नए युग की फर्म में सबसे बड़े व्यक्तिगत निवेशों में से एक होगा।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख