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शुक्रवार 02 दिसंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रबंध निदेशक और सीईओ के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। वरिष्ठ कार्यकारी जे रविचंद्रन को प्रबंध निदेशक और सीईओ का अंतरिम प्रभार दिया गया है।

गुरुवार 01 दिसंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वित्‍त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने स्पष्ट किया है कि आय कर कानून में हुए बदलाव सोने के ऐसे आभूषणों पर लागू नहीं होंगे जो घोषित आय या खेती से हुई आमदनी से खरीदे गये हैं।

बुधवार 30 नवंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खुले लगभग 26 करोड़ बैंक खातों से पैसा निकालने की सीमा निश्चित कर दी है। अगली सूचना तक अब इन खातों से एक महीने में अधिकतम 10,000 रुपये की निकासी की जा सकती है।

मंगलवार 29 नवंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि जो लोग 500 और 2000 रुपये के नये नोटों में बैंकों में पैसे जमा करते हैं, वे लोग 29 नवंबर से 24,000 रुपये प्रति सप्ताह की मौजूदा तय सीमा से ज्यादा रकम भी निकाल सकते हैं।

रविवार 27 नवंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

नोटबंदी की वजह से जीवन बीमा प्रीमियम (Life Insurance Premium) जमा करने वालों को राहत दे दी गयी है। जिन लोगों की प्रीमियम भरने की तारीख 8 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच पड़ रही है, वे इसे 30 जनवरी 2017 तक जमा कर सकते हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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