शेयर मंथन में खोजें

आश्चर्य तो हमें है रामलिंग राजू साहब !

राजीव रंजन झा

सत्यम कंप्यूटर के चेयरमैन बी रामलिंग राजू को आश्चर्य है कि मेटास प्रॉपर्टीज और मेटास इन्फ्रा को खरीदने की उनकी योजना पर निवेशकों ने इतनी तीखी प्रतिक्रिया जतायी। लेकिन आश्चर्य तो हमें है, समूचे शेयर बाजार को है कि कैसे उन्होंने कॉर्पोरेट लूट का ऐसा फैसला करने का साहस जुटाया, इसके बारे में आखिर सोचा ही कैसे।

डॉव जोंस उछला, एशियाई बाजारों में बढ़त

कल फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बहुप्रतीक्षित कटौती की घोषणा कर दी। इस घोषणा के साथ ही साथ फेडरल रिजर्व ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फिर से सामान्य हालात में लाने के लिए वह पूरी सहायता देने के लिए तैयार है। फलस्वरूप अमेरिकी शेयर बाजारों में मंगलवार दोपहर बाद के कारोबार में खासी उछाल देखी गयी और डॉव जोंस ने 4.2% की मजबूती दर्ज की।

सत्यम प्रमोटरों का पारिवारिक राहत पैकेज

राजीव रंजन झा

बेशक सत्यम कंप्यूटर के चेयरमैन बी रामलिंग राजू कह सकते हैं कि मेटास प्रॉपर्टीज और मेटास इन्फ्रा का अधिग्रहण कानूनी रूप से बिल्कुल सही है। शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियाँ पहले भी अपने प्रमोटरों के स्वामित्व वाली कंपनियों को खरीदती रही हैं। जब तब सवाल उठते भी रहे हैं, लेकिन लोग यह मान लेते थे कि केवल कुछ छुटभैया कंपनियाँ ही प्रमोटरों को फायदा दिलाने की नीयत से ऐसा करती हैं। यानी एक समस्या को बेहद छोटे स्तर पर मान कर कभी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन अब सत्यम की मिसाल ने साबित किया है कि कोई कानूनी छेद कभी छोटा नहीं होता और उस छेद से कोई जब चाहे एक बड़ा फायदा उठा सकता है।

रिलायंस ने डिबेंचरों से जुटाये 1,000 करोड़ रुपये

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दो किश्तों में नॉन कनवर्टिबल डिबेंचरों (एनसीडी) के जरिये 1,000 करोड़ रुपये जुटाये हैं। इस एनसीडी इश्यू का प्रबंधन करने वाली निवेश बैंकिंग कंपनी इडेलवाइज कैपिटल ने जानकारी दी है कि 500 करोड़ रुपये के एनसीडी की दूसरी किश्त को भी सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है।

निफ्टी 3,000 के ऊपर

मंगलवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार मजबूती दर्ज करने के बाद बंद हुए। निफ्टी ने 3,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया और 61 अंकों की बढ़त के साथ 3,042 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 145 अंकों की मजबूती रही और यह 9,977 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर भारतीय शेयर बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दोपहर तक ये एक सीमित दायरे के बीच झूलते रहे। दोपहर बाद के कारोबार में भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आयी और बाजार इस दायरे को तोड़ने में कुछ हद तक कामयाब रहे। इस तेजी के दौरान सेंसेक्स ने 10,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर भी तोड़ दिया, लेकिन इसे बरकरार रखने में सफल नहीं हो सका।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख