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क्रिस्टोफर रे के इस्तीफे और अडानी के शेयरों में तेजी के बीच क्या है कनेक्शन?

शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट के बावजूद अडानी समूह के अधिकांश शेयरों में तेजी दर्ज की गयी। अडानी पावर और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में जहाँ निवेशकों ने खूब दिलचस्पी दिखायी। तो अडानी ग्रीन और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में भी उछाल देखने को मिला।

मुकेश अंबानी को चाहिए 25 हजार करोड़ का भारी भरकम लोन, यह है बड़ी वजह

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को 25 हजार करोड़ के भारी भरकम लोन की जरूरत है। खबरों के मुताबिक, इस लोन के लिए मुकेश अंबानी की कई बैंकों से बातचीत भी चल रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी को यह लोन उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्ज को चुकाने के लिए चाहिये।

6 साल में बड़े शहरों के मुख्य इलाकों से ज्यादा बाहरी क्षेत्रों में बढ़े जमीन के भाव : एनारॉक

बड़े शहरों में लोग अब मुख्य स्थानों पर रहने के बजाय बाहरी इलाकों को ज्यादा पसंद करने लगे हैं। इसका पता रियल एस्टेट पर परामर्श प्रदान करने वाली कंपनी एनारॉक के ताजा अध्ययन से चल रहा है। इस पर मंगलवार (10 दिसंबर) को रिपोर्ट जारी की गयी है। इसके मुताबिक हाल के कुछ वर्षों में बड़े शहरों के बाहरी इलाकों में आवासीय संपत्ति के भाव मुख्य स्थानों की तुलना में तेजी से बढ़े हैं।

खुलते ही भर गया मोबिक्विक का आईपीओ, एंकर निवेशकों से मिले 257 करोड़

वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। बुधवार (11 दिसंबर) को निर्गम खुलने के बाद चंद घंटे में ही पूरी तरह से भर गया। उससे पहले वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी ने एंकर निवेशकों से 257 करोड़ रुपये जुटाये।

आईजीआई के आईपीओ की ग्रे मार्केट में धूम, निवेशक शुक्रवार से लगा सकेंगे पैसे

इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टिट्यूट (इंडिया) लिमिटेड (आईजीआई) का आईपीओ 13 दिसंबर (शुक्रवार) को खुलने वाला है, जिसमें 17 दिसंबर तक पैसे लगाये जा सकेंगे। इस आईपीओ का प्राइस बैंड 397 रुपये से 417 रुपये प्रति शेयर तय कर दिया गया है। इस आईपीओ के लिए न्यूनतम लॉट साइज 35 शेयरों का है और खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए 14,595 रुपये लगाने होंगे।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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