सत्यम के किस्से में अर्न्स्ट एंड यंग की पहेली
राजीव रंजन झा
एक स्थिति की कल्पना करें – आप अपने परिवार के साथ गोलगप्पे वाले के पास जाते हैं और भाव पूछते हैं। गोलगप्पे वाला पलट कर पूछता है कि खाना किसे है। चौंक गये? वह समझाता है – बच्चों के खाने के लिए 10 रुपये के 6, मैडम के खाने के लिए 12 रुपये के 6, खुद आपके खाने के लिए 15 रुपये के 6 मिलेंगे। और भी चौंक गये! ऐसा भी कहीं होता है क्या?
यूनिटेक ने अपने कर्ज को लेकर शेयर बाजार की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज सुबह के कारोबार में यूनिटेक का शेयर भाव इन चिंताओं के बीच 14% से अधिक गिर गया था कि कंपनी म्युचुअल फंडों का कर्ज चुका पाने में असफल रही है। हालांकि बाद में यूनिटेक के शेयर भाव में तेजी आयी और 32.80 रुपये का ऊँचा स्तर छूने के बाद यह करीब 6% चढ़ कर 31.90 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने ईजीएम के बाद मीडिया को जानकारी दी कि म्युचुअल फंडों के एफएमपी का जो 900 करोड़ रुपये का बकाया था, उसका अधिकांश हिस्सा चुका दिया गया है। इस कर्ज की अंतिम तारीख 19 जनवरी की थी। कंपनी ने औपचारिक रूप से यह तो नहीं बताया कि कितनी रकम चुकायी गयी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक 500 करोड़ रुपये की रकम 17 जनवरी तक चुका दी गयी थी, बाकी कर्ज की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है और अब इन कर्जों की अंतिम तारीखें इस वित्त वर्ष के बाद की हैं। बाजार विशेषज्ञ सलिल शर्मा का मानना है कि कंपनी की इस घोषणा से शेयर को अच्छा सहारा मिला है और यह छोटी अवधि में 35 रुपये तक जा सकता है। साथ ही उनका मानना है कि इस शेयर में आने वाली तेजी का इस्तेमाल इससे बाहर निकलने के लिए करना चाहिए।