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आज बाजार फिसलने की संभावना

राजेश जैन, वीपी, एसएमसी ग्लोबल

आज भारतीय शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख रहने की आशंका है। कल और परसों हमने अपने बाजारों में जो तेजी देखी, उसके पीछे बराक ओबामा के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले का उत्साह भी शामिल था। जब तक डॉलर मजबूत रहेगा, तब तक रुपये पर दबाव रहेगा और विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) हमारे शेयर बाजारों में पूँजी नहीं लगायेंगे।

जब डॉव जोंस 9000 के स्तर को, सेंसेक्स 10000 के स्तर को और निफ्टी 3100 के स्तर को पार कर इन स्तरों के ऊपर टिके रहें, तभी मंदी का बाजार समाप्ति की ओर बढ़ेगा। जो तिमाही नतीजे अब तक आये हैं, वे अच्छे नहीं रहे हैं और इसी तरह का क्रम जारी रहने की आशंका है। लेकिन बाजारों की चिंता कुल मिला कर वैश्विक अर्थव्यवस्था की है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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