शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद क्या निवेश का सही मौका है?
शेयर बाजार में इन दिनों निराशा का माहौल है। कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में सफल नहीं हो रही है।
शेयर बाजार में इन दिनों निराशा का माहौल है। कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में सफल नहीं हो रही है।
वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन और कमाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद भारतीय आईटी सेक्टर में मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स एक बार फिर मजबूती के संकेत दे रहे हैं।
सोना और चाँदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ कस्टम ड्यूटी भी एक बड़ा जोखिम बन सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें पिछले कुछ समय से सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।
आईटी सेक्टर में हाल के दिनों में रिकवरी की कोशिश जरूर देखने को मिली है, लेकिन 32,000 के स्तर के आसपास पहुंचते ही इंडेक्स पर दबाव बढ़ गया।
आईटी सेक्टर में लंबे समय की कमजोरी के बाद अब सुधार के संकेत दिखाई देने लगे हैं।
बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी तेजी की संभावना बनी हुई है।
HUDCO का शेयर पिछले कुछ समय से दबाव में बना हुआ है। एक समय 350 रुपये से ऊपर पहुंचने वाला यह शेयर अब काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
अंबुजा सीमेंट इस समय सिर्फ अपने शेयर प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि समूह के भीतर चल रहे बड़े पुनर्गठन (रीऑर्गेनाइजेशन) के कारण भी चर्चा में है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि आने वाले महीनों में शेयर बाजार की दिशा कंपनियों की कमाई तय करेगी।
भारतीय शेयर बाजार ने बीते सप्ताह शानदार वापसी करते हुए निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
एक निवेशक ने HUDCO के 200 शेयर 280 रुपये के भाव पर खरीदे हैं और उनका निवेश का नजरिया तीन साल का है।
एक निवेशक ने अंबुजा सीमेंट के 30 शेयर 430 रुपये के भाव पर खरीदे हैं और उनका निवेश क्षितिज दो साल का है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस अवधि में शेयर बेहतर रिटर्न दे सकता है या फिर निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सुला वाइनयार्ड्स (Sula Vineyards) एक समय भारतीय प्रीमियम वाइन बाजार की अग्रणी कंपनी मानी जाती थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसके प्रदर्शन ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
केपीआईटी टेक्नोलॉजीज (KPIT Technologies) के शेयर में हालिया गिरावट के बाद कई निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या मौजूदा स्तरों पर ट्रेडिंग का मौका बन रहा है।