सेंसेक्स दिसंबर 2016 तक 33,000 पर
संदीप सभरवाल, बाजार विश्लेषक
मुझे बाजार का भविष्य काफी सकारात्मक लग रहा है। निचले कमोडिटी भाव बाजार के लिए सबसे सकारात्मक पहलू हैं, जबकि मानसून की कमजोरी मुख्य चिंता है।
संदीप सभरवाल, बाजार विश्लेषकमुझे बाजार का भविष्य काफी सकारात्मक लग रहा है। निचले कमोडिटी भाव बाजार के लिए सबसे सकारात्मक पहलू हैं, जबकि मानसून की कमजोरी मुख्य चिंता है।
रवि के. गुप्ता, एमडी, टॉरस म्यूचुअल फंडफिलहाल भारतीय शेयर बाजार एक चौराहे पर खड़ा दिख रहा है और अगले कुछ महीनों की अवधि में सूचकांक की दिशा घरेलू और वैश्विक, दोनों परिदृश्यों पर निर्भर करेगी।
निफ्टी 50 में अभी जो नरमी है, वह इसे अधिक से अधिक 7,200 के निचले स्तर की ओर ला सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह नरमी कई महत्वपूर्ण अग्रणी शेयरों में खरीदारी के अच्छे अवसर उपलब्ध करायेगी।
राजेश अग्रवाल, रिसर्च प्रमुख, ओम कैपिटलनिम्न महँगाई, कई वर्षों के निम्न स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों, रिजर्व बैंक के समायोजी रुख और खनन, रेलवे, रक्षा, बैंकिंग, सड़क, बिजली जैसे क्षेत्रों में मुद्दों को सुलझाने के प्रति सरकार के कदमों से भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढऩे को तैयार है।
प्रकाश गाबा, तकनीकी विश्लेषकबाजार के बारे में मेरा नजरिया सकारात्मक है। उद्योग की स्थिति में सुधार होने लगा है, जो बाजार के लिए सबसे अच्छी बात है। मगर कांग्रेस और विपक्ष का मौजूदा रुख बाजार के लिए नकारात्मक है।
प्रकाश दीवान, निवेश रणनीतिकार, पीडीज वेल्थ सर्कललंबी अवधि की दृष्टि से वर्ष 2016 बहुत ही संभावनाशील लग रहा है। अगले दो-तीन माह निवेशकों के लिए आदर्श प्रवेश बिंदु साबित होंगे। अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत है।
प्रदीप सुरेका, सीईओ, कैलाश पूजा इन्वेस्टमेंटकुल मिला कर भारतीय शेयर बाजार की दिशा के बारे में हमारे अनुमान सकारात्मक ही हैं। हालाँकि अगले छह महीनों में निफ्टी ५० का लक्ष्य 8,500 तक का ही लग रहा है, जबकि दिसंबर 2016 तक यह 9,050 के ऊपरी स्तर की ओर जा सकता है।
पराग दलवी, वीपी, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्सभारतीय शेयर बाजार बारे में मेरा नजरिया अभी सकारात्मक ही बना हुआ है। मेरा मानना है कि साल 2016 के दौरान निफ्टी 50 सूचकांक 10,500 के एक नये ऐतिहासिक शिखर तक पहुँच सकता है, जबकि नीचे की ओर 7,500 का स्तर टूटने की संभावना नहीं लगती है।
पंकज पांडेय, रिसर्च प्रमुख, आईसीआईसीआई डायरेक्टअर्थव्यवस्था के व्यापक मानकों में सुधार और निवेश पर नये सिरे से जोर के साथ भारतीय बाजारों में संरचनात्मक तेजी बनी रहेगी। कमोडिटी की वैश्विक कीमतों में तीखी गिरावट से राजकोषीय स्थिति मजबूत हुई है और कॉर्पोरेट मुनाफा बढ़ता दिख रहा है।
पंकज जैन, निदेशक, एसडब्लू कैपिटलभारतीय बाजार के लिए भविष्य के अनुमान उत्साहजनक हैं और उम्मीद है कि किसी अन्य संपदा वर्ग के मुकाबले शेयरों में कहीं ज्यादा अच्छा लाभ मिलेगा।
नितिन कामत, सीईओ, जेरोधामैं कुल मिला कर अर्थव्यवस्था और एक संपदा वर्ग के रूप में इक्विटी के बारे में तेजी की धारणा रख कर चल रहा हूँ। मेरा मानना है कि अगले छह महीनों में सेंसेक्स 28,500 और निफ्टी 8,300 तक जा सकते हैं।
नितेश चंद, रिसर्च प्रमुख, साइक्स ऐंड रे इक्विटीजनिफ्टी ने 7,500 के स्तर पर एक ऊपरी आधार (बेस) बनाया है। कुछ समय तक ठहराव (कंसोलिडेशन) के बाद तेजी का अगला दौर शुरू हो सकता है। लंबी अवधि की अगली तेजी का लाभ उठाने के लिए अभी पोर्टफोलिओ बनाना चाहिए।
निपुण मेहता, सीईओ, ब्लूओशन कैपिटललंबी अवधि के लिए बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। हालाँकि अगले छह महीनों में बाजार की चाल पर सबसे ज्यादा प्रभाव इसका होगा कि सरकार सुधारों को कितना आगे बढ़ाती है।
नीरज दीवान, निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीजछोटे-मँझोले शेयरों के लिए 2015 एक अच्छा साल था और इस साल भी ऐसा ही होने की संभावना है। दिग्गज शेयरों के लिए भी 2016 बीते वर्ष के मुकाबले बेहतर रहना चाहिए।
मानस जायसवाल, तकनीकी विश्लेषकअब तक निफ्टी साप्ताहिक चार्ट में निचले शिखर और निचली तलहटियाँ बना रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि इसे जल्द ही 7,500-7,400 के आसपास समर्थन मिल जायेगा और जब निफ्टी 8000 के स्तर को पार कर ले तो फिर से तेजी का दौर लौटने की उम्मीद की जा सकती है।
कुणाल सरावगी, सीईओ, इक्विटी रशऐसा लगता है कि आने वाले समय में भारतीय बाजार की चाल वैश्विक बाजारों से तेज रहेगी। मुझे उम्मीद है कि निफ्टी 50 सूचकांक साल 2016 में नये और अप्रत्याशित ऊपरी स्तरों को छू लेगा।