एयरलाइन्स शेयरों में कमजोरी
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में एयरलाइन्स शेयरों में गिरावट का रुख है। बीएसई में सुबह 11.40 बजे किंगफिशर एयरलाइन्स में 3.64%, स्पाइसजेट में करीब 3% और जेट एयरवेज में 2.68% की कमजोरी है। इस समय बीएसई सेंसेक्स में 0.92% की गिरावट दिख रही है। मंगलवार को राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि कारोबारी साल 2007-08 में देश के पाँच प्रमुख एयरलाइन्स को कुल मिला कर करीब 3200 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा।
केईसी इंटरनेशनल को 365 करोड़ रुपये के ठेके हासिल हुए हैं। कंपनी ने बीएसई को भेजी गयी विज्ञप्ति में सूचित किया है कि इसे वेस्ट बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (डब्लूबीएसईडीसीएल) की ओर से 255 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। इस ठेके के तहत केईसी इंटरनेशनल पश्चिम बंगाल के 3340 गाँवों का विद्युतीकरण करेगी। यह काम अगस्त 2010 तक पूरा किया जाना है। कंपनी को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) की ओर से 67 करोड़ रुपये की ठेका हासिल हुआ है। इसके तहत बिहार के 16 प्रखंडों (ब्लॉक) में विद्युतीकरण किया जाना है।
राजीव रंजन झा
जीएमआर होल्डिंग्स कंपनी ने जीएमआर इन्फ्रा के शेयरों की खरीद खुले बाजार से की है। बीएसई को सूचित करते हुए जीएमआर इन्फ्रा ने बताया है कि जीएमआर होल्डिंग कंपनी ने 10,11 और 12 फरवरी 2009 को खुले बाजार से कंपनी के कुल 6,30,000 शेयरों की खरीद की है। इस खरीदे के साथ ही कंपनी में जीएमआर होल्डिंग्स कंपनी की हिस्सेदारी 74.19% हो गयी है।
हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) को हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की ओर से कशांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर परियोजना के लिये ठेका मिला है। एचसीसी ने बीएसई को भेजी गयी एक विज्ञप्ति में सूचित किया है कि एचपीपीसी की ओर से एचसीसी को 296.90 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है। इस खबर का सकारात्मक असर कंपनी के शेयर भाव पर नहीं दिख रहा है।
भारत में वित्तीय सेवाएँ प्रदान करने वाली कंपनी इंडिया इन्फोलाइन की सब्सिडियरी इंडिया इन्फोलाइन हाउसिंग फाइनेंस को नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) की ओर से हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के तौर पर पंजीकरण मिल गया है। इस पंजीकरण के बाद कंपनी घरों के लिए भी कर्ज दे सकेगी, जिससे इसे अपने कंज्यूमर फाइनेंस पोर्टफोलिओ को बढ़ाने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले इंडिया इन्फोलाइन मार्टगेज, व्यक्तिगत कर्ज, व्यावसायिक कर्ज और प्रतिभूतियों के बदले कर्ज देती थी।
अंतरिम बजट ने भले ही उद्योग जगत और शेयर बाजार को कोई नयी राहत नहीं दी हो, लेकिन उद्योग संगठन फिक्की ने इसमें भविष्य के संकेत देख कर ही संतोष कर लिया है। फिक्की के अध्यक्ष हर्षपति सिंघानिया ने अंतरिम बजट के बारे में कहा है कि इस अंतरिम बजट ने अगली सरकार के लिए दिशा तय कर दी है और एक साफ संकेत दिया है कि आम चुनाव के बाद के महीनों में कौन-से उठाने की जरूरत होगी। सिंघानिया ने कहा है कि इस अंतरिम बजट ने देश की विकास दर को फिर से तेज करने पर जोर दिया है।