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FY 2025-26 Q1: डॉक्टर रेड्डीज लैब्स की कमाई बढ़ी, लागत बढ़ने से मुनाफे पर असर पड़ा

डॉक्टर रेड्डीज लैब्स ने जून तिमाही में टॉपलाइन और बॉटमलाइन दोनों में ग्रोथ दिखाई है। लेकिन एक नजर में जो सबसे साफ नजर आता है वो है मार्जिन में गिरावट। यानी कंपनी की कमाई तो बढ़ी है, लेकिन लागत बढ़ने से मुनाफे पर असर पड़ा है।

FY 2025-26 Q1: टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पेश किए मिलेजुले नतीजे, रेवेन्यू में बढ़त तो मार्जिन लुढ़का

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे हैं। एक तरफ रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में सालाना ग्रोथ देखने को मिली, दूसरी तरफ एबिटा और मार्जिन में तेज गिरावट चिंता का विषय बनकर सामने आए हैं।

FY 2025-26 Q1: परसिस्टेंट सिस्टम्स का प्रदर्शन रहा स्थिर, मुनाफा और आय बढ़े

परसिस्टेंट सिस्टम्स ने अप्रैल-जून तिमाही में स्थिर प्रदर्शन किया है। कंपनी की टॉपलाइन और बॉटमलाइन दोनों में ग्रोथ दिखी है, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन थोड़ा सा नीचे आया है।

FY 2025-26 Q1: एसआरएफ ने पेश किए शानदार नतीजे, कंपनी ने की मजबूत वापसी

एसआरएफ के पहली तिमाही के नतीजे शानदार कहे जा सकते हैं। कंपनी ने हर फ्रंट पर मजबूत वापसी की है, चाहे वो टॉपलाइन हो, बॉटमलाइन हो या ऑपरेटिंग मार्जिन। पिछली कुछ तिमाहियों में दबाव झेलने के बाद ये नतीजे साफ दिखाते हैं कि एसआरएफ फिर से ट्रैक पर आ रही है।

FY 2025-26 Q1: सिनजीन इंटरनेशनल का कंसोलिडेटेड मुनाफा बढ़ा, मार्जिन भी सुधरा

सिनजीन इंटरनेशनल ने अप्रैल-जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी के नतीजे बताते हैं कि उसका बिजनेस मॉडल न सिर्फ स्थिर है, बल्कि ऑपरेशनल लेवल पर भी लगातार सुधार दिखा रहा है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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