वित्तीय स्वतंत्रता वह स्थिति है, जहाँ जीवन के बड़े फैसले नौकरी और अगली तनख्वाह की मजबूरी से तय न हों। पर वास्तव में भारत के अधिकांश लोगों की वित्तीय तैयारियाँ इतनी आधी-अधूरी हैं कि नियमित आय रुकते या घटते ही वे तंगी की हालत में आ जाते हैं या उनकी जीवन-शैली प्रभावित हो जाती है।
आईपीओ बाजार में इन दिनों फिर से गति लौटती दिख रही है, पर कहानी केवल इतनी नहीं है। बड़ी कहानी यह है कि दो महा-आईपीओ बाजार में उतरने के लिए एकदम तैयार हैं।