कॉटन वायदा (अक्टूबर) बहुत अधिक खरीदारी वाले दायरे में है और यदि कीमतें 18,070 रुपये के स्तर के पास अड़चन स्तर को पार नहीं कर पाती है तो हम 17,800-17,700 रुपये की ओर कुछ सुधर रुपये तक गिरावट देख सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से सकारात्मक संकेत के कारण एमसीएक्स पर कॉटन वायदा (जून) की कीमतों के 24,400-24,600 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कॉटन वायदा (फरवरी) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 20,900-21,180 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कमोडिटीज बाजार में तेज गिरावट के बावजूद एमसीएक्स में कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में तेजी का रुझान बना हुआ है।
एमसीएक्स पर कॉटन वायदा (जून) की कीमतों को 24,250-24,300 रुपये के पास बाधा का सामना करना पड़ सकता है और कीमतों की बढ़त पर सीमित रह सकती है।
कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतों में तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है और कीमतें 21,600 रुपये के पास सहारा के साथ यह 22,500 रुपये के स्तर तक बढ़ सकती है।
कॉटन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 19,800-20,000 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों को 3,700 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।