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लगातार 5वीं बार ब्याज दरों में बदलाव नहीं,रेपो रेट 6.50% पर बरकरार

6 दिसंबर से चल रही तीन दिवसीय बैठक के आखिरी दिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी (MPC) यानी मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने ब्याद दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। आरबीआई ने रेपो रेट 6.50% पर बरकरार रखने का फैसला किया है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने पहला डिजिटल रूपे क्रेडिट कार्ड पेश किया

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने यूपीआई इस्तेमालकर्ताओं को ध्यान में रखते हुए पहला डिजिटल रूपे क्रेडिट कार्ड पेश किया है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक क्रेडिट कार्ड के ग्राहक इसके अलावा डजिटल कार्ड की सुविधा का इस्तेमाल कर पायेंगे। इसमें सामान्य यूपीआई लेन-देन करने के साथ ही क्रेडिट कार्ड की सुविधाओं का लाभ भी उठाया जा सकता है।

इरकॉन में सरकार OFS के जरिए बेचेगी हिस्सा

सरकार ने इरकॉन में 8 फीसदी तक हिस्सा बिक्री का फैसला किया है। सरकार यह हिस्सा बिक्री ओएफएस (OFS) यानी ऑफर फॉर सेल के जरिए करेगी

बीईएल को भारतीय सेना से 3915 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले

रक्षा क्षेत्र में देश की प्रमुख पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (Bharat Electronics Limited) को भारतीय सेना से एएमसी रडार के निर्माण के लिए 580 करोड़ रुपये का ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस परियोजना में बीईएल के उपविक्रेता भारतीय इंलेक्ट्रॉनिक्त और संबंधित उद्योग हिस्सा लेंगे।

लीथियम आयन बैटरी कंपोनेंट के लिए हिमाद्री स्पेश्यालिटी नई इकाई लगाने को मंजूरी

केमिकल सेक्टर की नामी कंपनी हिमाद्री स्पेश्यालिटी केमिकल ने बुधवार यानी 6 दिसंबर को ऐलान किया कि वह लीथियम आयन बैटरी के कंपोनेंट इंडस्ट्री में उतरेगी। कंपनी इसके लिए एक नई इकाई लगाएगी।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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