शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

बुधवार को आखिरी घंटों में फिसला बाजार, सेंसेक्स (Sensex) 26,000 के नीचे बंद

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुबह हरे निशान में शुरुआत की, मगर इसके बाद दोपहर तक बेहद छोटे दायरे में लाल हरे निशान में झूलता रहा।

छोटे दायरे में अटका बाजार, सेंसेक्स 45 अंक चढ़ कर बंद

मंगलवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार पूरे दिन एक छोटे दायरे के अंदर ही ऊपर-नीचे होता रहा। आज सुबह यह हरे निशान में खुला, मगर शुरुआती कारोबार में बने ऊपरी स्तर को पार नहीं कर पाया।

हफ्ते के पहले दिन बाजार तेज, सेंसेक्स 26,000 के ऊपर लौटा

क्रिसमस और सप्ताहांत की लंबी छुट्टी के बाद सोमवार को बाजार खुलने के बाद तेजी का ही दौर नजर आया। बाजार के प्रमुख सूचकांकों ने हरे निशान में शुरुआत की और पूरे सत्र में इनकी मजबूती बढ़ती रही।

गुरुवार को बाजार सपाट, सेंसेक्स (Sensex) केवल 12 अंक नीचे

क्रिसमस की छुट्टी के चलते लंबे सप्ताहांत से पहले गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पूरे दिन एक छोटे दायरे में बँधा रहा और अंत में बहुत मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स (Sensex) 145 अंक फिसला, निफ्टी (Nifty) फिर 7800 के नीचे

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव का क्रम बना रहा। सुबह कमजोर शुरुआत के बाद बाजार ने सँभलने की कोशिश की और दोपहर तक हरे निशान में आ गया, मगर उसके बाद यह अचानक बुरी तरह फिसला।

सोमवार को सँभला अमेरिकी बाजार, डॉव जोंस (Dow Jones) 0.8% ऊपर

शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद कल सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार वापस सँभला और इसके प्रमुख सूचकांक कुछ उतार-चढ़ाव के बाद बढ़त के साथ बंद हुए।

Page 1089 of 1891

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख