पहली छमाही में संयम, दूसरी छमाही में उछाल की संभावना : सुनील सुब्रमण्यम
भारतीय शेयर बाजार को लेकर सुनील सुब्रमण्यम का नजरिया न तो अत्यधिक आक्रामक है और न ही निराशावादी।
भारतीय शेयर बाजार को लेकर सुनील सुब्रमण्यम का नजरिया न तो अत्यधिक आक्रामक है और न ही निराशावादी।
सिट्रस एडवाइजर्स के संस्थापक संजय सिन्हा का मानना है कि बाजार ने लंबा ठहराव (कंसोलिडेशन) पूरा कर लिया है और अब उसे केवल एक मजबूत ट्रिगर की जरूरत है। चाहे वह कमाई में सुधार हो, एक परिवर्तनकारी बजट हो या अमेरिका के साथ कोई प्रभावी व्यापार समझौता।
राजनीतिक स्थिरता, लगातार आर्थिक वृद्धि और विनिर्माण क्षेत्र में जीएसटी दरों में कटौती जैसे कदम भारतीय शेयर बाजार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार भले ही ऊँचे स्तरों के आसपास बना हुआ हो, लेकिन आगे की दिशा केवल सूचकांकों की चाल से नहीं, बल्कि बाजार की चौड़ाई से तय होगी।
लगभग एक दशक से भारतीय शेयर बाजार में तेजी के कई दौर देख चुके निवेशकों के लिए आने वाला समय उत्साह और सावधानी- दोनों का मिश्रण लेकर आ सकता है।