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गुरुवार 24 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) को कंपनी का गैर-कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का (Vishal Sikka) ने पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया था।

मंगलवार 22 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा (Nomura) की एक रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारी साल 2017-18 की पहली तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी में 6.6% की दर से वृद्धि हो सकती है। जनवरी से मार्च 2017 के दौरान देश की जीडीपी 6.1% की दर से बढ़ी थी।

सोमवार 21 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

घरेलू वाहन कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपनी स्थिति मजबूत बनाने की योजना के तहत नये यात्री और वाणिज्यिक वाहनों को बाजार में उतारने के लिए 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया है।

बुधवार 16 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नयी मेट्रो रेल नीति (New metro rail policy) को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य अनेक शहरों के लोगों की रेल की आकांक्षाओं को उत्‍तरदायी तरीके से पूरा करना है।

मंगलवार 15 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से काले धन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताते हुए कहा कि नोटबंदी (Demonetization) के बाद आय-व्यय का अंतर पाये जाने के कारण 18 लाख लोग और 1.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि जाँच के घेरे में है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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