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गुरुवार 24 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) को कंपनी का गैर-कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का (Vishal Sikka) ने पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया था।

गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भारतीय शेयर बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की गयी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 28.05 अंक या 0.09% की बढ़त के साथ 31,596.06 पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 50 (Nifty 50) 4.55 अंक या 0.05% की मजबूती के साथ 9,857.05 पर रहा।
बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) ने बचत जमा दरों में परिवर्तन की घोषणा की है। बैंक ने 50 लाख रुपये तक की जमा राशि के लिए ब्याज दर 4% से घटा कर 3.50% कर दी है। हालाँकि 50 लाख रुपये से अधिक राशि के लिए 4% ब्याज दर को बैंक ने बरकरार रखा है। नयी दरें आज से ही प्रभावी हो गयी हैं।
कारोबारी साल 2017-18 की पहली तिमाही में प्रॉक्टर ऐंड गैम्बल (Procter & Gamble) का मुनाफा साल-दर-साल 28.7% घट कर 78 करोड़ रुपये रह गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) शुक्रवार को 200 रुपये का नोट जारी करेगा।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी राजीव बंसल ने गुरुवार को एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक का पद सँभाल लिया। इस समय एयर इंडिया पर 50,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अगले साल अगस्त तक पूरी तरह पेपरलेस हो जायेगा। इससे कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को लाभ होगा।
वस्‍तु और सेवा कर (GST) व्यवस्था के तहत अब तक 20 लाख कंपनियों ने रिटर्न दाखिल किया है और कर का भुगतान किया है। रिटर्न दाखिल करने समय सीमा बढ़ा कर 25 अगस्त कर दी गयी है। (शेयर मंथन, 24 अगस्त 2017)

कंपनियों की सुर्खियाँ

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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