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आज भी हरे निशान में गिफ्ट निफ्टी, मगर Sensex Nifty में सतर्क कारोबार के आसार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (25 फरवरी) को कारोबार की सतर्क शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में आज सुबह 8.10 बजे के आसपास 18.50 अंकों की तेजी नजर आ रही है और ये 0.08% की बढ़त के साथ 22,588.50 के स्तर के आसपास  मंडरा रहा है।   

भारतीय बाजार में अगले कुछ दिन और जारी रह सकती है सुस्ती : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक अनुमान से कमजोर आर्थिक आँकड़ों की चिंता में टूटे अमेरिकी शेयर बाजार के पद चिह्नों पर चलते हुए बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी 1.06% की गिरावट के साथ 22,553 के स्तर पर आठ महीने के निम्न स्तर पर आ गया। 

बाजार में लोअर टॉप की संरचना के साथ व्यापक स्वरूप कमजोर, सतर्क रहें कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बीते हफ्ते बेंचमार्क सूचकांक में सीमित दायरे में गतिविध के बीच निफ्टी 0.72%, जबकि सेंसेक्स 630 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए। 

Sensex Nifty हरे निशान में कर सकते हैं कारोबार शुरू, गिफ्ट निफ्टी में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार (24 फरवरी) को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में आज सुबह 8.10 बजे के आसपास 78.00 अंकों की तेजी नजर आ रही है और ये 0.34% की बढ़त के साथ 22,693.00 के स्तर के आसपास  मंडरा रहा है।   

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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