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भारतीय बाजार नरमी के साथ कर सकते हैं कारोबार की शुरुआत, लाल निशान में Gift Nifty

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (09 जनवरी) को नरमी के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 16.50 अंकों की सुस्ती दिखायी दे रही है और ये 0.07% के अंतर के साथ 23,707.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।  

आईटी स्‍टॉक पर रहेगी नजर, सीमित दायरे में रह सकते हैं भारतीय बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2025 के लिए चार साल के सबसे कम जीडीपी अनुमानों और विदेशी पूँजी के निरंतर बहिर्गमन के कारण बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी तीव्र गिरावट के बाद 23689 (0.1%) के स्‍तर पर सपाट बंद होने में सफल रहा।  

बाजार में तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता, रेजिस्टेंस पर घटायें लॉन्ग पोजीशन : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार को बेंचमार्क सूचकांकों में सीमित दायरे में गतिविधि हुई, निफ्टी में 92 अंकों की तेजी रही, जबकि सेंसेक्स में 234 अंकों की उछाल आयी।

भारतीय बाजार में आज भी तेजी में कर सकते कारोबार शुरू, Gift Nifty में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (08 जनवरी) को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 84.00 अंकों की बढ़त दिखायी दे रही है और ये 0.35% की तेजी के साथ 23,778.00 के स्तर के आसपास नजर आ रहा है।  

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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