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बाजार की मौजूदा बनावट कमजोर, 20 दिनों के एसएमए के ऊपर आयेगी तेजी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार को नवंबर के अंतिम वायदा सिरीज के निप्टान के दिन बेंचमार्क सूचकांकों में तीव्र करेक्शन हुआ, निफ्टी 361 अंक नीचे जबकि सेंसेक्स 1190 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए। 

Gift Nifty आज भी हरे निशान में सपाट, भारतीय बाजार में हो सकता है सुस्त कारोबार

भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार (29 नवंबर) को कारोबार की सुस्त शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.05 बजे के आसपास 3.00 अंकों की उछाल दिखायी दे रही है और ये 0.01% मामूली तेजी के साथ 24,152.00 के स्तर के आसपास सपाट नजर आ रहा है।

व्यापक दायरे में कंसोलिडेट करेंगे बाजार, निवेशकों को अहम आँकड़ों का इंतजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक गुरुवार (28 नवंबर) को मासिक वायदा-विकल्प निप्टान और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निफ्टी 1.49% की गिरावट के साथ 23,914 के स्तर पर बंद हुआ। 

बाजार में जारी रह सकती है तेजी, 24150/79800 के नीचे कमजोर पड़ेगा अपट्रेंड : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार को बेंचमार्क सूचकांकों में सकारात्मक गति देखने को मिली, निफ्टी 80 अंक  ऊपर जबकि सेंसेक्स 230 अंकों की उछाल के साथ बंद हुए। 

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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