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कंपनियों की सुर्खियाँ

यूएसएफडीए से जायडस लाइफसाइंसेज को 2 दवाओं के लिए मंजूरी

 दवा बनाने वाली कंपनी जायडस लाइफसाइंसेज को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए (USFDA) से दो दवाओं के लिए मंजूरी मिली है। कंपनी को Gabapentin (गाबापेंटिन) दवा के लिए शुरुआती मंजूरी मिली है। यह दवा 300 और 600 मिली ग्राम की क्षमता में मौजूद है। इस दवा को दिनभर में एक बार लिया जाता है।

सफायर फूड्स की जीएफआईपीएल में हिस्सा बढ़ाने की योजना

सफायर फूड्स की मालदीव की कंपनी जीएफआईपीएल (GFIPL) यानी गामा आईलैंड फूड प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सा बढ़ाने की योजना है। कंपनी 51 फीसदी की मौजूदा हिस्सेदारी को बढ़ाकर 75 फीसदी तक करेगी। आपको बता दें कि गामा आईलैंड फूड प्राइवेट लिमिटेड फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के तहत गामा आईलैंड फूड प्राइवेट लिमिटेड यानी जीएफआईपीएल मालदीव में पिज्जा हट और KFC (केएफसी) रेस्टोरेंट को ऑपरेट करती है।

गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट का गुजरात सरकार के साथ एमओयू (MoU) का ऐलान

कॉर्न स्टार्च डेरिवेटिव का उत्पादन करने वाली कंपनी गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट ने गुजरात सरकार के साथ एमओयू (MoU) यानी समझौते पत्र पर हस्ताक्षर का ऐलान किया है। कंपनी ने गुजरात सरकार के साथ यह करार ग्रीनफील्ड कॉर्न वेट मिलिंग (Wet Milling) इकाई लगाने के लिए किया है।

प्लांट लगाने के लिए एशियन पेंट्स का गुजरात सरकार के साथ करार

पेंट का उत्पादन करने वाली दिगग्ज कंपनी एशियन पेंट्स ने गुजरात सरकार के साथ समझौता पत्र यानी एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किया है। कंपनी ने यह गुजरात सरकार के साथ यह समझौता दाहेज में पेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाई लगाने के लिए किया है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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