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मंगलवार 29 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद पहले महीने में कर के रूप में सरकार के खजाने में 92,283 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जीएसटी के तहत पंजीकृत कुल 59.57 लाख करदाताओं में से अभी तक 38.3 लाख (64.4%) से कर हासिल हुआ है।

सोमवार 28 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

सितंबर में चार कंपनियों - भारत रोड नेटवर्क, मैट्रीमोनी डॉट कॉम, डिक्शन टेक्नोलॉजीज और कैपेसिट इन्फ्रा प्रोजेक्ट ने आईपीओ के जरिये कुल 2500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनायी है।

शुक्रवार 25 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को 200 रुपये और 50 रुपये का नया नोट जारी कर दिया है। खबर है कि ये नोट बैंकों के काउंटर से बाँटे जायेंगे। इनकी मदद से बाजार में मौजूद गंदे और सड़े-गले नोट व्यवस्था से बाहर किये जायेंगे।

गुरुवार 24 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani) को कंपनी का गैर-कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का (Vishal Sikka) ने पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया था।

मंगलवार 22 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा (Nomura) की एक रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारी साल 2017-18 की पहली तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी में 6.6% की दर से वृद्धि हो सकती है। जनवरी से मार्च 2017 के दौरान देश की जीडीपी 6.1% की दर से बढ़ी थी।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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