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सोमवार 19 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

निजी क्षेत्र के बैंक आईसीआईसीआई बैंक की सहयोगी कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस (ICICI Prudential Life Insurance) का आईपीओ आज खुल गया। यह 21 सितंबर को बंद होगा।

शनिवार 17 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves) 9 सितंबर को खत्म हफ्ते में 3.513 अरब डॉलर बढ़ कर 371.279 अरब डॉलर हो गया, जो इसका अब तक का उच्चतम स्तर है।

शुक्रवार 16 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने आज उम्मीद जतायी कि आगामी चार अक्तूबर की मौद्रिक समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ब्याज दरों पर फैसला करते समय खुदरा महँगाई दर में आयी गिरावट का ध्यान रखेगा। ध्यान रहे कि अगस्त में खुदरा महँगाई दर घट कर पाँच महीने के निचले स्तर 5.05% पर आ गयी थी।

गुरुवार 15 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

आज गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 40.66 अंक या 0.14% की बढ़त के साथ 28,412.89 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 (Nifty 50) 15.95 अंक या 0.18% की मामूली मजबूती के साथ 8,742.55 पर रहा।

बुधवार 14 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) ने अपने वॉयरलेस कारोबार का एयरसेल (Aircel) के साथ विलय करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। यह भारत के दूरसंचार सेवा के इतिहास का सबसे बड़ा विलय होगा। इनके विलय से बनने वाली कंपनी ग्राहक संख्या के आधार पर भारत की चौथी सबसे बड़ी दूरंसचार सेवा कंपनी होगी।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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