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एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला रुख

बुधवार के कारोबार में यूरोप और अमेरिका के शेयर बाजारों में दर्ज मजबूती के बाद गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान के निक्केई सूचकांक में 1% की गिरावट दर्ज की गयी, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 0.58% की कमजोरी रही।

महंगाई दर में गिरावट का रुख बरकरार

महंगाई दर में गिरावट का रुख बना हुआ है। 22 नवंबर को समाप्त हुए हफ्ते में महंगाई दर 8.4% पर आ गयी है। 15 नवंबर को समाप्त हुए हफ्ते यह दर 8.84% थी।

बजाज के दोपहिया वाहनों की बिक्री 37% घटी

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के दोपहिया वाहनों की बिक्री में नवंबर महीने में 37% की गिरावट दर्ज की गयी है। पिछले साल नवंबर के 2,11,600 इकाइयों के मुकाबले कंपनी पिछले महीने 1,31,681 इकाइयां ही बेच सकी है।

बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कंपनियों में मजबूती

बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े क्षेत्र के लिए जल्दी ही आर्थिक पैकेज की घोषणा किये जाने की संभावनाओं के बीच शेयर बाजारों में आज के कारोबार में इस क्षेत्र की कंपनियों में तेजी का रुख दिख रहा है। बीएसई में दोपहर 12.25 बजे जीएमआर इन्फ्रा में 4.2%, बीएसईएल इन्फ्रा में 2.7% और रिलायंस इन्फ्रा में 1.6% की मजबूती है। 

उत्पाद शुल्क में कटौती की आहटः अशोक लिलैंड, टाटा मोटर्स तेज

सरकार द्वारा वाणिज्यिक वाहनों के उत्पाद शुल्क में कटौती पर विचार किये जाने की खबरों के बीच आज भारतीय शेयर बाजारों में वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखी जा रही है। बीएसई में 11.45 बजे अशोक लिलैंड के शेयरों में 2.91% और टाटा मोटर्स के शेयरों में 3.23% की बढ़त है। महिंद्रा एंड महिद्रा के शेयर भी 1.8% की मजबूती पर हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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